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जो भर्ती परीक्षा हुई ही नहीं, उसमें निष्पक्ष नियुक्ति का प्रोपेगैंडा चला रही है योगी सरकार?

by Khabartakmedia
Yogi Adityanath

उत्तर प्रदेश में पिछले 2-3 सालों में रोजगार को लेकर सरकार पर खूब सवाल उठे हैं। छात्रों ने अनगिनत धरने प्रदर्शन किए हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के आयोजन से लेकर पारदर्शी नियुक्ति तक के लिए आवाज उठी है। लेकिन योगी आदित्यनाथ सरकार इस मामले में हमेशा से ही निष्क्रिय रही है। 2017 के बाद से अब तक भर्ती परीक्षाओं का रिकॉर्ड बेहद खराब रहा है। कोई भी भर्ती अपने समय के भीतर पूरी नहीं हो सकी है। पर्चा लीक होने से लेकर न्यायालय तक के भंवर में हर परीक्षा फंस ही जाती है। इस दलदल में सबसे बुरी तरह परेशान होते हैं युवा।

साल 2021 का तीसरा महीना चल रहा है। 2022 में ज्यादा समय है नहीं। 2022 में ही होने हैं उत्तर प्रदेश में विधानसभा के चुनाव। सो योगी आदित्यनाथ सरकार किसी तरह से युवाओं को साधने के प्रयास शुरू कर चुकी है। क्योंकि सरकार को भी इस बात का अंदाजा है कि उत्तर प्रदेश की परीक्षा व्यवस्था से और सरकारी नौकरी के भर्ती में होने वाले लेटलातीफी से युवाओं में आक्रोश है। जिसका भारी नुक़सान भारतीय जनता पार्टी को आने वाले चुनाव में झेलना पड़ सकता है। इसी बाबत योगी सरकार तरह तरह की तरकीबें अपना रही है। दांव चल रही है। दावा कर रही है “पिछले चार सालों में लाखों युवाओं को सरकारी नौकरी देने का”।

क्या सरकार ने जारी किया झूठा वीडियो?

योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक वीडियो जारी किया है। जिसमें एक आदमी है। जिसका नाम दुर्गेश चौधरी बताया गया है। वीडियो में दुर्गेश चौधरी को महाराजगंज का बताया गया है। दुर्गेश चौधरी इस वीडियो में अपने “राजस्व लेखपाल के पद पर नियुक्ति होने की बात कह रहे हैं। उनका कहना है कि लेखपाल के पद पर भर्ती पूरी निष्पक्षता के साथ हुई है। इस बात के लिए वो योगी सरकार को धन्यवाद भी दे रहे हैं।”

लेकिन इसमें एक झोल है। पिछले चार सालों में UPSSSC कोई भी भर्ती परीक्षा पूरी नहीं करा सकी है। साथ ही जिस राजस्व लेखपाल पद पर नियुक्त होने की बात दुर्गेश चौधरी कह रहे हैं, वो भर्ती पिछले चार सालों में आई ही नहीं है। बात को सीधी रेखा में समझिए। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद से अब तक जिस पद की भर्ती निकली ही नहीं, उस पद पर नियुक्ति होने का दुष्प्रचार किया जा रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार की आधिकारिक ट्विटर हैंडल से दुर्गेश चौधरी की यह वीडियो ट्वीट की गई है। जिसके आखिर में योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर आती है। साथ में लिखा है “चार सालों में 4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी”।

पूर्व आईएएस अधिकारी सूर्य प्रताप सिंह ने इस मामले पर योगी सरकार पर सवाल उठाया है। सूर्य प्रताप सिंह ने ट्विटर से इस वीडियो को हटाने की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि “मैं @TwitterIndia से अनुरोध करता हूँ की इस भ्रामक ट्वीट को तत्काल हटाएँ। ना ही लेखपाल की कोई भर्ती आयी है और ना ही कोई इंटरव्यू हुआ है, इस प्रकार झूठ खुलेआम फैलाना शर्मनाक है।
छात्र इस ट्वीट पर अपना जवाब दें और मुख्यमंत्री जी तक अपनी आवाज पहुँचाएँ, विज्ञापनों की दुनिया है ये।”

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