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बनारस में बहती ‘क्योटो’ की तस्वीरें तैर रही हैं सोशल मीडिया पर, देखिए विकास की यह धार

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Varanasi Raining

वाराणसी में बरसात का अपना मजा है। बारिश, चाय और घाट। इस त्रिवेणी का अनुभव हर बनारसी या बनारस को समझने वाला करना चाहता है। ये सिर्फ बनारस में ही हो सकता है कि बारिश के बीच लोग नाव की सवारी करने लगें। गंगा की तेज लहरों के बीच उसके पार जाने का भी अपना स्वाद है। लेकिन ऐसे रोमांचित दृश्य तभी दिखते हैं जब बारिश भी उसी स्वरूप में हो।

बीते गुरुवार यानी 17 जून का दिन बनारसियों के लिए जमाव का दिन था। कैसा जमाव? जलजमाव। गुरुवार को सुबह से ही पानी बरसने लगी थी। शुरुआत रिमझिम बारिश से हुई। लेकिन थोड़ी ही देर बाद ये रिमझिम बारिश समाप्त हो गई। फिर शुरू हुई झमाझम बारिश।

बारिश का होना था कि बनारसी नए कोपलों का घर से बाहर निकलना था। लेकिन बारिश कल कुछ अलग ही मूड में थी। इसकी रफ्तार और धार में तनिक भी कमी नहीं हुई। बल्कि समय समय पर यह बढ़ती ही रही। एक ओर शहर के लोग अपने आनंद में मग्न थे। तो दूसरी ओर शहर अपनी समस्याओं को देखकर विलाप कर रहा था।

गुरुवार के बारिश ने वाराणसी के सांसद और देश के मुखिया नरेंद्र मोदी के सपनों पर मानो नदी ही बहा दी। नरेंद्र मोदी का प्रचलित और हवाई सपना। बनारस को क्योटो बनाने का ख्वाब। हर साल बारिश में ये क्योटो किसी सड़क के जलजमाव में तो किसी नाले के बहते में पानी में गोते लगा रहा होता है।

सीवर जाम हो जाने के बाद पानी सड़क और फिर मोहल्लों में बहने लगती है। साथ में बहता है प्रधानमंत्री के सपनों का क्योटो। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के सिंहद्वार से लंका होते हुए एक सड़क अस्सी चौराहा को पार करते हुए गोदौलिया पहुंचती है। गोदौलिया चौराहे के ही नजदीक स्थित है काशी विश्वनाथ मंदिर। इस सड़क और मंदिर के दर्शन पीएम मोदी ने कई दफा किए हैं।

लंका चौराहे पर गुरुवार को घुटने भर पानी भरा रहा। इसी घुटने भर पानी से उछल उछलकर आम जनता के सिर पर नाच रहा था क्योटो। अस्सी चौराहा पिछले 2 सालों से जर्जर हालत में है। यहां हल्की बारिश में भी क्योटो डूब जाता है। फिर ये तो मूसलाधार बारिश थी।

अस्सी के बाद गोदौलिया तक पूरे सड़क पर बारिश का पानी एक किनारे से दूसरे किनारे तक बहता रहा। फिर आया गोदौलिया चौराहे की बारी। गोदौलिया से लेकर दशाश्वमेध घाट तक के इलाके में निर्माण कार्य चल रहा था। जो कि अब पूरा हो चुका है। चौराहे से घाट तक को सीधे जोड़ दिया गया है। इसी बीच में काशी विश्वनाथ मंदिर का द्वार है। जहां काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनाया जा रहा है। जो कि पीएम मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट है।

पीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के समीप खड़े गोदौलिया पर भी ख्वाबी क्योटो तैराकी का प्रदर्शन कर रहा था। सड़क पर पानी इस कदर भरी हुई थी कि मोटोसाइकिल और कार वालों का आना जाना मोहाल हो गया था। आवाजाही बुरी तरह प्रभावित। सड़क पर पीएम मोदी के क्योटो को तैरना सीखा रहा बारिश का पानी अपने निकास के लिए रास्ते खोज रहा था। लेकिन विकास में निकास का प्रबंध पुख्ता नहीं किया गया है।

दुर्गाकुंड, गुरुधाम, रथयात्रा, महमूरगंज, कैंट स्टेशन, अंधरा पूल समेत शहर के ज्यादातर इलाके जलजमाव से जूझते रहे। ट्विटर पर कल बनारस का बोलबाला रहा। बारिश की ही तरह लोगों ने झूमकर बनारस की सड़कों पर लगे पानी की तस्वीरें साझा की।

गौरतलब बात ये है कि अभी ढंग से बारिश का आगाज भी नहीं हुआ है। अगर सड़कों की हालत दुरुस्त नहीं की गई और जल निकासी का इंतजाम नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में क्योटो ऐसे ही तैरता रहेगा।

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