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किस मुंह से पिछड़ों के बीच वोट मांगने आएगी भाजपा: ओमप्रकाश राजभर

by Khabartakmedia
Om Prakash Rajbhar

Uttar Pradesh Politics. उत्तर प्रदेश में अगले साल यानी 2022 में विधानसभा चुनाव होने हैं। तय है कि चुनाव अपने समय से ही होगा। इस लिहाज से देखा जाए तो बहुत ज्यादा महीने बचते नहीं हैं यूपी चुनाव में। इसलिए सभी राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। जाति से लेकर धर्म तक के समीकरण बनाने की पूरी कवायद हो रही है। सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी प्रदेश के तथाकथित पिछड़ी जातियों को साधने में जुटी हुई है। इसे लेकर शुक्रवार यानी आज सुहलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर (Om Prakash Rajbhar) ने एक बयान दिया है।

ओमप्रकाश राजभर ने ट्वीट किया है कि “उ.प्र.में शिक्षक भर्ती में पिछड़ों का हक लुटा, पिछड़ों को हिस्सेदारी न देने वाली भाजपा किस मुंह से पिछड़ों के बीच में वोट मांगने आएंगी? इनको सिर्फ वोट के लिए पिछड़ा याद आते हैं।” राजभर आगे लिखते हैं कि “हमने भागीदारी संकल्प मोर्चा बनाया है जो भी उप्र. में भाजपा को हराना चाहते हैं हम उनसे गठबंधन करने को तैयार हैं।”

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में उप मुख्यमंत्री है केशव प्रसाद मौर्य। जिन्हें सरकार में पिछड़ी जातियों का चेहरा बनाया गया है। सियासी टिप्पणीकारों की मानें तो बीते कुछ समय में केशव प्रसाद मौर्य की खूब उपेक्षा हुई है। सरकार और संगठन में उन्हें खास जगह नहीं दी जा रही है। इस वजह से पिछड़ी जातियों में भाजपा को लेकर गुस्सा है।

ओमप्रकाश राजभर का बयान भी उसी गुस्से को प्रदर्शित कर रहा है। उन्होंने अपने इसी ट्वीट के शुरुआत में लिखा है कि “भाजपा डूबती हुई नैया है,जिसको इनके रथ पर सवार होना है हो जाये पर हम सवार नहीं होंगे। जब चुनाव नजदीक आता है तब इनको पिछड़ों की याद आती है। जब मुख्यमंत्री बनाना होता है तो बाहर से लाकर बना देते हैं। हम जिन मुद्दों को लेकर समझौता किये थे साठे चार साल बीत गया एक भी काम पूरा नहीं हुआ।”

बता दें कि 2017 में उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा को प्रचंड बहुमत मिली थी। इसके बाद मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा में कई नाम चल रहे थे। योगी आदित्यनाथ, मनोज सिन्हा के साथ कुछ और बड़े नेता भी इस दौड़ में शामिल थे। मुख्यमंत्री की रेस में केशव प्रसाद मौर्य का भी नाम शुमार था। उनकी दावेदारी भी मजबूत थी। लेकिन अंतिम समय में योगी आदित्यनाथ के नाम की घोषणा हो गई। केशव प्रसाद मौर्य उप मुख्यमंत्री बनाए गए।

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