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खबर का असर: योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने डिलीट किया फर्जी ट्वीट, क्या दुष्प्रचार हुआ इतना आसान?

by Khabartakmedia
Yogi Adityanath

एक प्रदेश है। प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं। मुख्यमंत्री का कार्यालय है। चार साल का पूरा हुआ कार्यकाल है। एक साल बाद दोबारा चुनाव है। राज्य में युवा वर्ग है। सरकारी नौकरी को लेकर युवा परेशान हैं। परेशानी के कारण पैदा हुआ आक्रोश है। आक्रोश जिसकी भड़ास चुनावों में निकलती है। इसलिए सरकार और सरकार के मुखिया भी अंदरखाने मुसीबत में हैं। तो इस युवा वर्ग के गुस्से से पार पाने का बंदोबस्त हो रहा है। बंदोबस्त का सबसे उत्तम माध्यम प्रचार है। प्रचार कई बार झूठा भी होता है। तब इसे दुष्प्रचार कहा जाता है।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक झूठ बोला है। एक झूठा दावा किया है। जिसकी पोल खुलने में सिर्फ कुछ घंटे ही लगे। “खबर तक” पर कल एक खबर छपी थी। खबर थी कि योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने एक ट्वीट किया है। जिसमें एक दुर्गेश चौधरी नाम का आदमी योगी सरकार को राजस्व लेखपाल के पद पर निष्पक्ष नियुक्ति के लिए धन्यवाद दे रहा है। वीडियो के अंत में एक और दावा लिखकर किया जाता है कि “चार साल में 4 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी।”

कल की खबर जिसमें योगी आदित्यनाथ के कार्यालय के ट्वीट का झूठ सामने आया था

फर्जी ट्वीट किया डिलीट:

जैसे ही ये ट्वीट योगी आदित्यनाथ के कार्यालय की ओर से हुई, खोजबीन शुरू हो गई। पता चला कि जब से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनें हैं तब से लेकर आज तक लेखपाल की नियुक्ति हुई ही नहीं है। भर्ती निकली ही नहीं है। ये भी पता चला की UPSSSC पिछले चार सालों में कोई भी भर्ती पूरी नहीं करा सकी है। अब इस ट्वीट को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यालय ने डिलीट कर दिया है।

दुर्गेश चौधरी को किसने कहा ये झूठ बोलने के लिए? क्या ये उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों को छलने की कोशिश नहीं थी? एक झूठ के भंवर में उत्तर प्रदेश के युवाओं को फंसाने की साज़िश नहीं थी? क्या इतना आसान हो चुका है फर्जी दावे करना? प्रोपेगैंडा फैलाना? क्या किसी राज्य का मुख्यमंत्री कार्यालय इतनी आसानी से फर्जी दावा कर सकता है? झूठ पकड़े जाने पर बगैर माफी मांगे ट्वीट डिलीट कर सकता है?

उत्तर प्रदेश, योगी आदित्यनाथ के सपनों का रामराज्य! यहां सब कुछ मुख्यमंत्री के हिसाब से होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर मंच से प्रदेश में अपराध खत्म हो जाने की बात कहते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश की सुबह एक हत्या, रेप जैसे मामले से होती है और रात भी किसी के जीवन के अस्त के साथ होती है। प्रशासन की मुस्तैदी का दावा करने वाले योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री रहते उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा अपराध हुए हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार युवाओं को सरकारी नौकरी देने का दावा करती है। लेकिन दावा झूठा साबित हो जाता है।

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