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Home कोरोना वायरस टीका लगते देख भक्क रह गए प्रदेश के मुखिया, नहीं बन पाए उदाहरण!

टीका लगते देख भक्क रह गए प्रदेश के मुखिया, नहीं बन पाए उदाहरण!

by Khabartakmedia

कोरोना की स्वदेशी वैक्सीन। मतलब जिसे भारत के वैज्ञानिकों ने बनाया है। दो वैक्सीन भारत में बनाई गई हैं। एक का नाम है कोविशील्ड और दूसरा है कोवैक्सीन। कोविशील्ड को भारत बायोटेक ने बनाया है और दूसरे को सीरम संस्थान ने। भारत सरकार की ओर से दोनों को मान्यता दे दी गई। हफ्तों तक तैयारियां हुईं। ताकि हर राज्य, हर शहर इनकी खेप पहुंचाई जा सके। तारीख तय की गई जब सबसे बड़े टीकाकरण अभियान को शुरू किया जाता। तारीख 16 जनवरी की थी। यानी कि आज का दिन, शनिवार। देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भाषण दिया और टीकाकरण को हरी झंडी दिखा दी। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाई गई।

टीकाकरण पर नजर गड़ाए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश में भी यह सब हो रहा था। सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ भी एक अस्पताल पहुंचे। राजधानी लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में। योगी आदित्यनाथ टीका लगवाने नहीं आए थे। बल्कि टीका लगता देखने आए थे। मुख्यमंत्री दर्शक की भूमिका में थे। एक डाक्टर एक व्यक्ति को कोरोना की टीका लगा रहा था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बगल में अपने प्रशासनिक अमले के साथ मास्क लगाए निहार रहे थे। आप सोच रहे होंगे कि इसमें नया क्या है! नया है। नया ये है कि हमारे जनप्रतिनिधि दर्शक होते जा रहे हैं। सामने से नेतृत्व करना (Leading from the front)। यही तो करना चाहिए नेताओं को। वो भी उस नेता को जो एक राज्य का मुखिया है। घर का नेतृत्वकर्ता बगल में खड़ा होकर तमाशा देखे ये शोभा नहीं देता है।

यही काम प्रधानमंत्री भी कर रहे थे। भाषण दे रहे थे। कथनी और करनी के भेद को पाटने की कवायद नरेंद्र मोदी ने भी नहीं की। उदाहरण उन्होंने भी स्थापित नहीं किया। ये हाल तब है जबकि वैक्सीन को लेकर कई सवाल उठ चुके हैं। सवालों में राजनीति की बदबू हो। लेकिन जनता के मन में जो भय है वैक्सीन के खतरों को लेकर, उसे दूर करने के लिए पीएम सामने आ सकते थे! वो कह तो रहे हैं कि “वैक्सीन सुरक्षित है और डरने की कोई बात नहीं है, देश के वैज्ञानिकों पर भरोसा कीजिए।” लेकिन अगर यही भरोसा प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी ने दिखाया होता, तो लोगों में एक संदेश जाता। स्वघोषित रूप से “मजबूत नेता” (Strong Leader) की छवि रखने वाले नरेन्द्र मोदी और योगी आदित्यनाथ की मजबूती में और इजाफा होता।

टीकाकरण पर नजर गड़ाए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

इसे एक अंतरराष्ट्रीय उदाहरण से समझिए। अमेरिका इस समय सुर्खियों में है। वहां नए राष्ट्रपति के रूप में जो बाइडेन चुने गए हैं और उप राष्ट्रपति के तौर पर कमला हैरिस। दोनों ने लोगों से अपील की कि कोरोना की टीकाकरण कराएं। लेकिन उन्होंने सिर्फ कहा नहीं, किया भी। वो जानते थे कि लोगों में एक डर है, नए वैक्सीन को लेकर। बाइडेन और हैरिस दोनों ने ही टीकाकरण कराई। वो भी दो बार। जो बाइडेन और कमला हैरिस ने अपने देश के लोगों के लिए उदाहरण स्थापित किया। भरोसा जताया। हमारे सत्ताधीशों ने सिर्फ कहा। कहने से हर बात मान ली जाती तो दुनिया कब की आदर्श हो चुकी होती। कहना आसान है, करके दिखाना कठिन। टीकाकरण करा रहे व्यक्ति के बगल में खड़े मुंह ताकते योगी आदित्यनाथ की तस्वीर अपने आप में एक शोध का विषय है।

टीकाकरण पर नजर गड़ाए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

विशेष: हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की इस तस्वीर को बार-बार खबर में लगा रहे हैं। ताकि आपकी नजर खबर पढ़ते हुए हर पल इस तस्वीर को देखती रहे।

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