Latest News
Home चुनावी हलचल बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने 33 फीसदी SC-ST प्रत्याशियों को उतारा, 100 नए चेहरे!

बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने 33 फीसदी SC-ST प्रत्याशियों को उतारा, 100 नए चेहरे!

by Khabartakmedia

पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव अपने मुहाने पर खड़ा है। हर राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने की जुगत में लगी हुई है। अपने हक में हवा का रुख मोड़ना ही लक्ष्य है। इसके लिए तमाम वादे, कई दावे नेताओं की ओर से किए जा रहे हैं। राजनीतिक दल बड़ी चतुराई के साथ अपने उम्मीदवार चुन रही है और टिकट बंटवारे में पूरी सावधानी बरत रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार को अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। टीएमसी इस बार बंगाल के कुल 294 सीटों में से 291 सीटों से चुनाव लड़ रही है। उत्तर बंगाल की तीन सीटों पर टीएमसी चुनाव नहीं लड़ेगी।

टीएमसी ने सीट बंटवारे में जो समीकरण बैठाया है, वो काफी दिलचस्प है। पार्टी ने पहले से ही मन बनाया हुआ था कि इस बार 80 वर्ष से अधिक उम्र के किसी नेता को चुनाव में नहीं उतारा जाएगा। साथ ही टीएमसी की पूरी चुनावी तैयारी “बंगाल अपनी बेटी चाहता है” के नारे के इर्दगिर्द है। इन सभी पहलुओं को देखते हुए टीएमसी ने टिकट बांटे हैं। बता दें कि कुल 291 प्रत्याशियों में से 100 ऐसे लोग हैं जो पहली बार विधानसभा का चुनाव लडने वाले हैं। मतलब एकदम नए चेहरे। 100 प्रत्याशियों की उम्र 50 साल से कम है। इनमें से 30 ऐसे हैं जिनकी उम्र 40 साल से भी कम है। यानी कि एकदम युवा चेहरों के साथ टीएमसी मैदान में उतरी है। तो वहीं एक महिला ब्रिगेड भी खड़ी की गई है। टीएमसी ने 50 महिला उम्मीदवारों को टिकट दिया है। जो की कुल सीटों का 17 फीसदी हिस्सा है। जिसके पृष्ठभूमि में “बंगाल अपनी बेटी चाहता है” का नारा है।

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी

जाति का समीकरण:

तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी ने बड़ी चतुराई के साथ बंगाल में जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की है। अच्छी खासी संख्या में एससी- एसटी समुदाय के लोगों को चुनाव में उतारा गया है। बात की जाए एससी उम्मीदवारों की तो इनकी कुल संख्या 79 है। तो वहीं कुल 17 एसटी समुदाय के लोग विधानसभा का चुनाव लड़ने वाले हैं। दोनों को मिला देने पर कुल संख्या 96 पर पहुंच जाती है और यह कुल सीटों का 33 प्रतिशत है। सामान्य वर्ग के 103 प्रत्याशी टीएमसी की ओर से चुनाव लड़ते नजर आएंगे। जबकि मुस्लिम समाज के 42 नेता टीएमसी से टिकट पा सके हैं।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कुल आठ चरणों में मतदान होने वाले हैं। जिसकी शुरुआत इसी महीने की 27 तारीख से होनी है। इसके बाद 1 अप्रैल, 6 अप्रैल, 10 अप्रैल, 17 अप्रैल, 22 अप्रैल, 26 अप्रैल को मतदान होंगे। आखिरी चरण के लिए 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे। पश्चिम बंगाल के इस चुनाव में हॉट सीट के रूप में नंदीग्राम सामने आ रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नंदीग्राम से ही चुनाव लड़ने वाली हैं। वो 9 मार्च को यहां से अपना नामांकन कराएंगी। उनके सामने होंगे टीएमसी के बागी और वर्तमान भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी।
2 मई को मतों की गिनती (मतगणना) होगी। 2 मई को ही पता चलेगा कि बंगाल की बाजी कौन मारेगा।

Related Articles

Leave a Comment