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Home कोरोना वायरस बरेका में काम कर रही डाक्टरों की फौज, जिसने दी है कोविड मरीजों को नई जिंदगी!

बरेका में काम कर रही डाक्टरों की फौज, जिसने दी है कोविड मरीजों को नई जिंदगी!

by Khabartakmedia

वाराणसी में कोरोना संक्रमण का प्रभाव बेहद ख़तरनाक रहा है। जिले में कोविड संक्रमितों की संख्या दूसरे लहर के दौरान भारी संख्या में बढ़ी है। जहां पहली लहर में हर दिन नए मरीजों की संख्या दो तीन सौ के आसपास रहती थी। वहीं दूसरे लहर में ये आंकड़ा दो हजार के पार तक गया है। हर दिन मरने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है। आम जनजीवन पूरी तरह चौपट हो चुकी है। लेकिन इन सब के बावजूद बहुत से लोगों ने कोरोना वायरस को मात भी दी है। कोरोना की जंग को हजारों लोगों ने वाराणसी में जीता है। इस जीत में अहम योगदान है चिकित्सकों का।

अस्पताल में काम कर रहे डाक्टर, नर्स और अन्य कर्मचारी। जिन्हें अग्रिम पंक्ति का योद्धा कहा गया है। वाराणसी में बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) है। जहां कोविड संक्रमितों का इलाज चल रहा है। बरेका केंद्रीय चिकित्सालय में जिला प्रशासन ने 40 बेड कोविड मरीजों की इलाज के लिए समर्पित किया है। जिसमें रेल कर्मचारियों, उनके परिजनों व अन्य लोगों को भर्ती किया जा रहा है। बरेका की महाप्रबंधक अंजली गोयल के निर्देशन में यहां कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने का काम जारी है। प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुजीत मल्लीक और उनकी टीम लगातार ट्रैकिंग, टेस्टिंग एवं ट्रीटमेंट के रास्ते पर आगे बढ़ रही है।

बरेका केंद्रीय चिकित्सालय का मुख्य द्वार

चिकित्सकों की मंडली:

बरेका में मंडल चिकित्सा अधिकारी डा. एस. के. मौर्या एवं डा. मिनहाज अहमद कोरोना संक्रमित मरीजों का उपचार कर रहे हैं। ये दोनों डाक्टर हर रोज कोविड वार्ड में पूरे इत्मीनान से घूमते हैं। मरीजों को देखते हैं। उनकी स्थिति के मुताबिक उनका इलाज करते हैं। डा. मौर्य और डा. अहमद पिछले दिनों खुद भी कोरोना संक्रमित हो गए थे। जिसके बाद वे क्वारंटीन हुए। जब ये दोनों कोरोना से उबर गए तब फिर अपने काम में लग गए हैं।

बरेका चिकित्सक डा. देवेश कुमार, डा. एस. के. शर्मा भी कोविड मरीजों का इलाज करते हुए संक्रमित हो गए हैं। वे दोनों होम आइसोलेशन में हैं। लेकिन घर से ही फोन के जरिए कोविड मरीजों को जरूरी सलाह दे रहे हैं। उन्हें उनकी दिनचर्या और दवाइयों संबंधी जानकारी दे रहे हैं। इनके अलावा अपर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. सुनील कुमार एवं डा. पी.आर. ठाकुर प्रशासनिक कार्य के साथ-साथ आउट-डोर के मरीजों को देखते हैं। जिससे अन्य बीमारी से ग्रसित मरीजों का उपचार संभव हो पा रहा है।

एक लड़के की कोरोना जांच का सैंपल लेते हुए चिकित्सक

हर पल की अपडेट:

वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डा. मधुलिका सिंह स्त्री रोग से संबंधित मरीजों को आउट-डोर एवं इंडोर में देख रही हैं। मंडल चिकित्सा अधिकारी डा. विशाल मिश्रा नोडल अधिकारी के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं। वे लगातार इस महामारी से हो रही जंग में अपनी भूमिका निभा रहे हैं। डा. मिश्रा बरेका चिकित्सालय संबंधी हर जानकारी को हर पल अपडेट करते हैं। ताकि यहां बेड की उपलब्धता, मरीजों की संख्या और उनकी हालत के बारे में प्रशासन को सजग किया जा सके।

कोरोना टीकाकरण में लगे चिकित्सक:

एक महिला को टीका लगाती चिकित्सक

बरेका में कोरोना टीकाकरण का भी काम चल रहा है। जिसमें काम कर रहे हैं। सहायक मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. तन्मय आनंद। डॉ. तन्मय की टीम टीकाकरण कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने में लगी है। जिस भी मात्रा में कोविड टीके की उपलब्धता है, उसी अनुपात में लोगों को टीका लगाया जा रहा है। सहायक मण्डल चिकित्सा अधिकारी डॉ. अमित गुप्ता जरूरी दवाइयों की समय से उपलब्धता को सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

गौरतलब है कि कोरोना महामारी से पार पाने के लिए एकजुट होकर लड़ने की आवश्यकता है। स्थिति भयावह है, ये बात अब पुरानी हो चुकी है। ये आफत अब लोगों की जिंदगी का हिस्सा बन चुकी है। लेकिन ये चिकित्सक और अन्य योद्धा ही हैं जिनके बूते भारत इस वायरस से लड़ रहा है।

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