कांवड़ यात्रा पर योगी सरकार को “सर्वोच्च नोटिस”, केंद्र से भी मांगा जवाब

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Kanwar Yatra
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Kanwar Yatra 2021. कोरोना वायरस संक्रमण के बीच कांवड़ यात्रा की अनुमति देने पर देश की सर्वोच्च न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया है। उच्चतम न्यायालय ने कांवड़ यात्रा पर संज्ञान लेते हुए उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस भेजा है। अदालत ने केंद्र सरकार को भी नोटिस भेजा है। ये नोटिस सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस आर. एफ. नरीमन की बेंच ने भेजा है। न्यायालय अब इस मामले की सुनवाई आने वाले 16 जुलाई को करेगा।

कोरोना संक्रमण के तीसरे लहर की आहट के बीच कांवड़ यात्रा की शुरुआत घातक साबित हो सकती है। कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में लोग गंगा नदी से जल भरकर अपने क्षेत्र के प्रसिद्ध शिव मंदिर में जाते हैं। इस यात्रा में जमकर लोगों की भीड़ होती है। अब तक ये बात साबित हो चुका है कि कोरोना महामारी में भीड़ का इकट्ठा होना सबसे बड़ा खतरा है। क्योंकि Covid-19 एक संक्रामक रोग है। जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है।

बता दें कि महामारी का तीसरा लहर आना लगभग तय है। अगस्त तक तीसरे लहर के चरम (Peak) पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। इसी कारण से उत्तराखंड की सरकार ने इस साल कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि हम हरिद्वार को कोरोना वायरस का केंद्र नहीं बनने दे सकते हैं।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

नहीं मानी योगी सरकार:

उत्तराखंड सरकार द्वारा कांवड़ यात्रा रद्द करने के बावजूद उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इसे जारी रखने का फैसला किया। योगी सरकार ने कांवड़ यात्रा पर इस साल रोक नहीं लगाई। दिलचस्प है कि दोनों ही प्रदेशों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ही सरकार है।

अब सर्वोच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार दोनों को ही नोटिस थमा दिया है। गौरतलब है कि इस वर्ष कांवड़ यात्रा की शुरुआत 25 जुलाई से होनी है। सर्वोच्च न्यायालय इस मसले की अगली सुनवाई 16 जुलाई को करेगा।

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