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अयोध्या में भगवान श्री राम को ठगों ने लगाया 16 करोड़ का चूना! कैसे हुआ बड़ा घोटाला?

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Allegedly corruption in Ayodhya Ram Temple construction

Ayodhya Ram Temple. अयोध्या में बन रहा राम मंदिर एक बार फिर से सुर्खियों में आ गया है। वजह विवादित है। मंदिर निर्माण के कार्य में लगी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर बड़े भ्रष्टाचार के आरोप लगे है। राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्ट द्वारा खरीदे गए जमीन के चलते यह विवाद पैदा हुआ है। इस मामले में ट्रस्ट पर गंभीर आरोप लगे हैं। लगभग 16 करोड़ रुपए के हेर फेर का सवाल खड़ा किया गया है। ये सवाल उठाया है समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व राज्य मंत्री तेज नारायण पांडेय पवन ने।

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता तेज नारायण पांडेय पवन ने रविवार यानी आज एक प्रेस कांफ्रेंस की। प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कई साक्ष्य दिखाएं। दस्तावेजों के आधार पर तेज नारायण पांडेय ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि दो करोड़ रुपये में बैनामा करा ली गई जमीन का 10 मिनट के अंदर 18.50 करोड़ रुपये में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया गया। जिससे साफ पता चलता है कि इस जमीन को खरीदने में बड़ी घपलेबाजी हुई है।

तेज नारायण पांडेय ने बताया कि “यह जमीन रवि मोहन तिवारी नाम के एक साधु व सुल्तान अंसारी ने बैनामा ली थी। ठीक 10 मिनट बाद इसी जमीन का ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के नाम 18.50 करोड़ में रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कर दिया जाता है।” उन्होंने यह भी जानकारी दी है कि “बैनामा व रजिस्टर्ड एग्रीमेंट 18 मार्च, 2021 को किया गया है।”

आम भाषा में समझिए:

एक जमीन अयोध्या के सदर तहसील क्षेत्र के बाग बिजैसी में मौजूद है। जिसका क्षेत्रफल 12 हजार 80 वर्ग मीटर है। इस जमीन को राम मंदिर निर्माण क्षेत्र के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने खरीदा है। ट्रस्ट पर आरोप है कि उन्होंने इस जमीन की खरीद में तकरीबन 16 करोड़ रुपए का घोटाला किया है।

इस जमीन को 18 मार्च, 2021 को मोहन तिवारी नाम के एक साधु व सुल्तान अंसारी ने बैनामा ली। यह बैनामा 2 करोड़ रुपए में हुई थी। ठीक इसी दिन बैनामा होने के तुरंत दस मिनट बाद ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय के नाम से इसी जमीन का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट हुआ। लेकिन सिर्फ दस मिनट बाद हुए इस रजिस्टर्ड एग्रीमेंट में जमीन की कीमत 18.50 करोड़ रुपए हो गई।

अब सवाल है कि आखिर दस मिनट के अंतराल में ही किसी जमीन की कीमत 16 करोड़ रुपए कैसे बढ़ गई? सपा नेता तेज नारायण पांडेय ने इस मामले की सीबीआई की मांग की है।

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