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काशी के क्योटोकरण को संकट मोचन के महंत ने किया पंचर, निकाली विकास की हवा

by
Vishwambhar Nath Mishra

Sankat Mochan Temple Mahant Vishwambhar Nath Mishra, Varanasi. वाराणसी में मौसम की पहली बारिश हो गई है। पिछले 2-3 दिनों से वाराणसी में अच्छी खासी बारिश हुई है। आलम ये है कि शहर की कई मुख्य सड़कें और चौराहे जलमग्न हो गए हैं। बारिश के पहले ही दिन शहर में जलजमाव हो गया। आवाजाही बुरी तरह प्रभावित रही। घुटने भर पानी में लोग आते जाते देखे गए। इस पर वाराणसी स्थित लोकप्रिय संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वंभरनाथ मिश्रा ने टिप्पणी की है।

संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वंभरनाथ मिश्रा ने शहर में हो रहे अनियोजित विकास पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शनिवार (19 जून) को एक ट्वीट कर इस पर तंज कसा है। महंत विश्वंभरनाथ मिश्रा ने लिखा है कि,

“अगर आज वाराणसी में गंगा, अस्सी और वरुणा नहीं होतीं तो क्या होता? असि और वरुणा के फ्लड प्लेन जमीन पर अतिक्रमण और अनियोजित विकास से बरसात में वाराणसी का हाल खस्ता है। शहर का क्योटोकरड़ (क्योटोकरण) हो गया। विकास पर विकास किए जा रहे हैं बिना सोचे समझे।”

जल निकासी का बुरा हाल, विकास छप्परफाड़:

2014 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी ने वाराणसी से चुनाव लड़ा था। वाराणसी की जनता ने उन्हें भरपूर समर्थन दिया। वो यहां से सांसद बने और देश के प्रधानमंत्री भी। प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी के लोगों को एक ख्वाब दिखाया था। वाराणसी को क्योटो बनाने का सपना। लेकिन सात साल बाद आलम यह है कि वाराणसी जल निकासी की समस्या से जूझ रहा है।

पिछले साथ सालों में वाराणसी आखिर कितना क्योटो बना ये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ही बता सकते हैं। हालांकि वाराणसी के क्योटो बनने की हकीकत सड़कों पर हुए जलजमाव भी दिखा रहे हैं।

जलजमाव से शहर है परेशान। देखिए अलग अलग चौराहों की तस्वीरें:

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