सुब्रमण्यम स्वामी के चीन से जुड़े सवाल पर राज्यसभा में सरकार चुप क्यों हो गई?

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राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (फोटो साभार: India.com)
राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (फोटो साभार: India.com)

भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी अपनी ही सरकार पर निशाना साधने के लिए जाने जाते हैं। चीन के मुद्दे पर सुब्रमण्यम स्वामी लंबे समय से केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को घेरते रहे हैं। ट्विटर पर आए दिन चीन को लेकर भारत सरकार की रणनीति पर सुब्रमण्यम स्वामी सवाल उठाते रहते हैं। एक बार फिर संसद के शीतकालीन सत्र में उन्होंने चीन के मुद्दे पर सवाल किया था।

सुब्रमण्यम स्वामी ने राज्यसभा में सवाल किया था कि “क्या चीन लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पार कर गई है?” कायदे से सरकार को इस सवाल का विस्तृत जवाब देना चाहिए था। ताकि उनकी ही पार्टी के राज्यसभा सांसद समेत देशभर के लोगों के मन से चीन के मसले पर पैदा शंका समाप्त हो जाए। लेकिन सरकार ने संसद में इस सवाल को टाल दिया।

एक ट्वीट करते हुए सुब्रमण्यम स्वामी ने लिखा है कि “यह दुखद नहीं तो हास्यास्पद है कि राज्यसभा सचिवालय ने मुझे सूचित किया है कि मेरे सवाल क्या चीनियों ने लद्दाख में एलएसी पार कर लिया है, को राष्ट्रीय हित की वजह से अनुमति नहीं दी जा सकती है।”

सुब्रमण्यम स्वामी के ट्वीट को आसान भाषा में सीधे-सीधे समझिए। राज्यसभा में सवाल पूछने के लिए सुब्रमण्यम स्वामी ने अनुमति मांगी थी। उनका सवाल था कि क्या चीन ने लद्दाख में एलएसी को पार कर लिया है? यानी क्या चीन भारत की सीमा के भीतर घुस आया है? लेकिन राज्यसभा सचिवालय ने कहा है कि ‘राष्ट्रीय हित के चलते’ इस सवाल को पूछे जाने की अनुमति नहीं दी जा सकती है।

सुब्रमण्यम स्वामी के ट्वीट पर एक व्यक्ति ने टिप्पणी करते हुए लिखा है कि “न कोई आया और न कोई आएगा….?” इस पर सुब्रमण्यम स्वामी ने चुटकी लेते हुए लिखा है कि “अपने कॉलेज के दिनों में मैंने लता मंगेशकर का गाया हुआ एक गाना “आएगा वो आएगा, आया मेरा बालम…” या इसी तरह के शब्द सुने हैं।”

गौरतलब है कि अलग-अलग मीडिया रपटों में चीन के एलएसी पार करने की खबरें सामने आती रही हैं। अमेरिका के रक्षा विभाग की ओर से भी एक रिपोर्ट जारी कर बताया गया था कि चीन भारतीय सीमा के भीतर एक गांव बसा चुका है। लेकिन सरकार इस मामले में चुप्पी साधे हुए है। केंद्र सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अब तक साफगोई से कोई बयान नहीं दिया गया है।

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