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राहुल गांधी ने लोकसभा में किसको दी श्रद्धांजलि, भाजपा सांसद करने लगे हंगामा!

by Khabartakmedia

लोकसभा में गुरुवार को राहुल गांधी ने भाषण दिया। लोकसभा में 2021 के बजट पर चर्चा चल रही थी। लेकिन कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वर्तमान वायनाड सांसद राहुल गांधी कृषि कानून और किसान आंदोलन पर ही बोले। राहुल गांधी के कृषि कानूनों पर बोलने को लेकर भाजपा सांसदों ने लोकसभा में आपत्ति जताई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने राहुल गांधी को टोकते हुए कहा कि “आप बजट पर ही बात करें।” लेकिन राहुल गांधी ने कह दिया कि वो सिर्फ कृषि कानूनों और किसान आंदोलन पर ही बोलेंगे।

राहुल गांधी ने कहा कि “कल प्रधानमंत्री ने सदन में कहा था कि विपक्ष के नेता सिर्फ आंदोलन की बात कर रहे हैं। लेकिन कृषि कानून के अंतर्वस्तु (content) और इरादे (intent) पर बात नहीं कर रहे हैं। तो मैंने सोचा कि पीएम को खुश किया जाए। इसलिए आज मैं तीनों कानूनों के कंटेंट और इंटेंट पर बात करूंगा।” इसके बाद उन्होंने बारी-बारी तीनों कृषि कानूनों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ये कानून देश में मंडी व्यवस्था को खत्म कर देंगे। जमाखोरी को बढ़ा देंगे। साथ ही किसानों को अपने फसल के उचित दाम न मिलने पर न्यायालय जाने का अधिकार छीन लेंगे।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला (फ़ाइल फोटो)

राहुल गांधी के भाषण के दौरान कई बार भाजपा के सांसद शोर मचाते रहे। लेकिन एक समय आया जब लोकसभा का पारा अचानक बहुत ज्यादा बढ़ गया। राहुल गांधी अपने भाषण का अंत कर रहे थे। भाषण खत्म करते हुए उन्होंने सभी सांसदों से एक अपील की। उन्होंने कहा कि “किसान आंदोलन में दो सौ से अधिक किसानों की जान चली गई। लेकिन सरकार ने उन्हें श्रद्धांजलि नहीं दी। इसलिए आज मैं सभी सांसदों से अपील करता हूं कि मेरे साथ सभी मृत किसानों के लिए दो मिनट का मौन रखें।”

यह बात कहते ही सभी विपक्षी सांसद उठ खड़े हुए। राहुल गांधी के साथ सभी विपक्षी सांसदों ने मौन धारण कर लिया। विपक्षी सांसदों के मौन होते ही भाजपा के सांसद खड़े हो गए और इसका विरोध करने लगे। लोकसभा अध्यक्ष से विपक्षी सांसदों को रोकने के लिए कहा जाने लगा। सरकार के सभी सांसद लोकसभा में हंगामा करने लगे। हालांकि विपक्षी सांसदों ने दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।

यह हैरान कर देने वाली तस्वीरें थीं। भाजपा के सांसदों का यह रवैया सवालों के घेरे में है। ऐसे में सवाल है कि क्या किसान आंदोलन में जिन किसानों की जान गई है उनके लिए विपक्ष मौन भी नहीं रख सकता? क्या जान गंवाने वाले किसानों को विपक्षी सांसद श्रद्धांजलि नहीं दे सकते? जब किसानों को श्रद्धांजलि दिया जा रहा था तब सरकार के सांसदों को खराब क्यों लग रहा था? किसान आंदोलन को ढाई महीने से अधिक का समय हो चुका है। किसानों की मांग है कि नरेंद्र मोदी सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले ले। साथ ही न्यूनतम समर्थन मूल्य की संवैधानिक गारंटी की भी मांग किसान कर रहे हैं।

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