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पंजाब निकाय चुनाव में किसान आंदोलन ने दिखाया असर, कांग्रेस के हाथों भाजपा को करारी शिकस्त

by Khabartakmedia

पंजाब निकाय चुनाव के परिणाम आ गए हैं। चुनाव के नतीजे इस बात की तस्दीक कर रहे हैं कि किसान आंदोलन ने आम लोगों में अपना असर छोड़ा है। कृषि कानूनों को लेकर आम जनता में भी केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ असंतोष है। इस बात पार निकाय चुनाव के नतीजों ने मुहर लगा दिया है। चुनाव विश्लेषक कुछ इसी तरह से पंजाब के निकाय चुनाव में कांग्रेस की भारी जीत और भाजपा के क्लीन स्वीप की व्याख्या कर रहे हैं।

पंजाब में 8 नगर निगम, 109 नगरपालिका परिषद, और नगर पंचायतों के कुल 2302 वार्डों में हुए चुनाव के नतीजे आज आए हैं। अब तक सात नगर निगमों में से छह पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की है। कांग्रेस ने बठिंडा, होशियारपुर, कपूरथला, अबोहर, बटाला और पठानकोट में जीत हासिल की है। जबकि एक नगर निगम (मोगा) में सबसे बड़ी पार्टी बनी है। आठवें नगर निगम के लिए वोटों की गिनती अभी नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि यहां गिनती का काम गुरुवार को होगा।

सनी देओल के संसदीय क्षेत्र में भाजपा का नहीं खुला खाता:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ भाजपा सांसद सनी देओल

भारतीय जनता पार्टी को सबसे करारी शिकस्त गुरदासपुर में मिली है। गुरदासपुर भाजपा सांसद सनी देओल का लोकसभा क्षेत्र है। यहां कुल 29 सीटें हैं। लेकिन एक भी सीट पर भाजपा जीत नहीं दर्ज कर सकी है। सभी 29 सीटों से कांग्रेस के प्रत्याशी ही चुनकर आए हैं। इस क्षेत्र में कांग्रेस ने हर सीट पर अपने उम्मीदवार उतारे थे। जबकि भाजपा ने 20, अकाली दल ने 27 और आम आदमी पार्टी ने 18 सीटों पर ही दावेदारी पेश की थी। हालांकि कांग्रेस के अलावा किसी भी पार्टी का प्रत्याशी जीत दर्ज करने में नाकाम रहा।

बता दें कि पंजाब में 14 फरवरी को निकाय चुनाव के लिए मतदान हुए थे। इसमें करीब 71 फीसदी लोगों ने वोट डाले थे।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कई महीनों से चल रहा है। आंदोलन में भारत के हर राज्य के किसान पहुंचे हैं। हालांकि किसान आंदोलन का व्यापक असर पंजाब और हरियाणा में देखने को मिला है। इन दो राज्यों में आम लोग भी किसान आंदोलन के समर्थन में खड़े नजर आते हैं। निकाय चुनाव के नतीजे भी इसी ओर इशारे कर रहे हैं।

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