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बरेका: पीयूष गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 3000 एचपी केप गेज रेल इंजन मोजांबिक को किया रवाना

by Khabartakmedia

बुधवार को बनारस रेल इंजन कारखाना में 3000 एचपी केप गेज मोजांबिक को निर्यात हेतु 02 रेल इंजन को हरी झंडी दिखाकर केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल एवं जनेफर अब्दुलई परिवहन और संचार मंत्री, मोजाम्बिक सरकार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रवाना किया। इस मौके पर रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना के तहत, इन केप गेज डीजल लोको को भारत में निर्मित और भारत द्वारा वित्तपोषित किया गया है। यह बरेका का पहला AC-AC ट्रैक्शन सिस्टम 3000 HP, केप गेज लोको है। इन लोकोमोटिव की क्षमता 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 2255 टन है। बरेका ने 14 महीनों के भीतर दो लोको की नई डिजाइन, खरीद और निर्माण किया है। इंजन का सबसे महत्वपूर्ण आइटम यानी क्रैंक-केस असेंबली बरेका में इन-हाउस तैयार किया है। भारतीय रेलवे का बरेका मल्टी ट्रेक मल्टी गेज सिस्टम के लिए, लोकोमोटिव और पुर्जों के अलावा, प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और रखरखाव सहायता की निर्यात सेवाएं प्रदान कर सकता है।

मोज़ाम्बिक के लिए इंजनों के निर्यात से भारत-अफ्रीकी संबंध और निर्यात के माध्यम से आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय रेलवे 3000 HP गेज लोकोमोटिव के 6 लोकोमोटिव और 90 स्टेनलेस स्टील यात्री डिब्बों के कुल क्रम के हिस्से के रूप में दो लोकोमोटिव के पहले बैच का निर्यात कर रहा है। इन लोकोमोटिव को मेक-इन-इंडिया के तहत बनारस लोकोमोटिव वर्क्स द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है। इन्हें भारतीय रेलवे के पीएसयू, राइट्स लिमिटेड के माध्यम से निर्यात किया जा रहा है।

महाप्रबंधक अंजली गोयल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को बरेका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कड़ी मेहनत एवं लगन का परिणाम बताया। उन्होंने बरेका द्वारा निर्मित इस रेल इंजन के तकनीकी फीचर को विस्तारपूर्वक बताते हुए कहा कि बनारस रेल इंजन कारखाना को वर्तमान वित्तीय वर्ष में मोजांबिक सरकार से 3000 एचपी केप गेज के 06 अत्यााधुनिक तकनीक के रेल इंजनों का निर्यात आदेश प्राप्त हुआ था। यह रेल इंजन अत्याधुनिक तकनीक से युक्त 12 सिलिंडर, 3000 अश्वा शक्ति केप गेज को-को डीजल विद्युत लोकोमोटिव है । इसमें एसी-एसी कर्षण प्रणाली, जिसकी भार क्षमता 120 टन, जो कम्यूडरन टर नियंत्रित ब्रेक प्रणाली (सीसीबी 2.0) है एवं शेष 04 रेल इंजन निर्माणाधीन है।

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