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Home पूर्वांचल की खबरवाराणसी “प्रधानमंत्री जी आप मेरे पिता के पैर छूते हैं, पिताजी आपको आशीर्वाद देते हैं, मेरी दीदी को इंसाफ दिलाइए”

“प्रधानमंत्री जी आप मेरे पिता के पैर छूते हैं, पिताजी आपको आशीर्वाद देते हैं, मेरी दीदी को इंसाफ दिलाइए”

by Khabartakmedia

“प्रधानमंत्री जी आप मेरे पिताजी के पैर छूते हैं। मेरे पिताजी आपको बहुत प्यार करते हैं, बहुत आशीर्वाद देते हैं। आपसे रिक्वेस्ट है कि मेरी दीदी को इंसाफ दिलाइए। बताइए कि उन छह दिनों में मेरी दीदी को क्या ट्रीटमेंट दी गई? किस स्थिति में मेरी दीदी की डेथ हो गई?” हाथ जोड़कर रोती बिलखती नम्रता मिश्रा यह बात कहती हैं। नम्रता फफकते हुए कहती हैं कि “मेरे पिताजी इस स्थिति में नहीं हैं कि वो यहां (अस्पताल में) आकर झगड़ा कर सकें। उनकी दो बेटियां यहां आई हैं। हमें आप पर भरोसा है मोदी जी। हमें बता दीजिए कि किस परिस्थिति में मेरी दीदी की जान गई है?”

नम्रता मिश्रा के पिता का नाम पंडित छन्नूलाल मिश्रा है। शास्त्रीय संगीत के दिग्गज गायक, दुनिया भर में मशहूर और पद्म विभूषण से सम्मानित वाराणसी के पंडित छन्नूलाल मिश्रा। पंडित छन्नूलाल मिश्रा का एक परिचय और है। वो भारत के प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी के प्रस्तावक भी हैं। नम्रता मिश्रा पंडित छन्नूलाल मिश्रा की छोटी बेटी हैं। जो अपने बहन की मृत्यु के लिए अस्पताल की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराती हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ पंडित छन्नूलाल मिश्रा

खूब हुई धन उगाही:

पंडित छन्नूलाल मिश्रा की बड़ी बेटी संगीता मिश्रा की तबीयत 24 अप्रैल को बिगड़ गई थी। उन्हें उल्टी हो रही थी, साथ में बुखार भी था। संगीता मिश्रा को वाराणसी के मैदागिन स्थित मेडविन अस्पताल में भर्ती कराया गया। मेडविन शहर का एक बड़ा निजी अस्पताल है। इसके बाद 6 दिनों तक उनका इलाज चलता रहा। दवाई और इंजेक्शन देने के नाम पर परिवार वालों से लाखों रुपए अस्पताल ने ले लिए। नम्रता मिश्रा यह बात बताती हैं। उनका कहना है कि अस्पताल के डाक्टर ने कहा कि हमने 40-40 हजार की प्राण रक्षक इंजेक्शन लगा दी है। हम उनको बचा लेंगे। लेकिन 1 मई को संगीता मिश्रा की मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल ने उनका पार्थिव शरीर देने के लिए भी लाखों रुपए मांगे।

पंडित छन्नूलाल मिश्रा की छोटी बेटी नम्रता कहती हैं कि “जब हमने अपने दीदी को अस्पताल में भर्ती कराया तो हमसे वादा किया गया था कि मरीज की सभी जांच रिपोर्ट और इलाज के दौरान की सीसीटीवी फुटेज हमें दिखाई जाएगी। लेकिन दीदी की मौत के बाद ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। एक दिन दीदी की बेटी उनसे मिलने आई तो 1700 रुपए में PPE किट देकर उसे अन्दर ले जाया गया।”

संगीता मिश्रा की मौत के बाद नम्रता ने अस्पताल से जांच रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज लेनी चाही। लेकिन उन्हें दोनों ही नहीं मिले। नम्रता मिश्रा का आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही से उनकी बहन की जान गई है। उन्होंने पुलिस में अस्पताल के खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराई है। साथ ही यह भी कहा है कि हम अदालत में भी जाएंगे। लेकिन इन सब से इतर नम्रता मिश्रा अपने पिता पंडित छन्नूलाल मिश्रा के प्रिय पीएम नरेंद्र मोदी से इंसाफ की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा है कि “हमें आप पर पूरा भरोसा है।”

अब सवाल है कि क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने प्रस्तावक और भारत का नाम दुनिया भर में रौशन करने वाले पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्रा के परिवार की मदद करते हैं या नहीं? क्या पीएम अपने प्रस्तावक की बेटी के साथ हुए इस लापरवाही पर कोई प्रतिक्रिया देंगे? क्या प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को इन बातों की फ़िक्र है?

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