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छत्तीसगढ़: बीजापुर में क्रूरता की हद पार, DRG फोर्स पर रेप और हत्या के आरोप!

by Khabartakmedia
Paike Weku relatives

त्तीसगढ़ में पिछले तीन हफ्तों से एक बड़ा आंदोलन चल रहा है। आदिवासी आंदोलन। बस्तर क्षेत्र में हजारों आदिवासी प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन की व्यापकता और उसकी जरूरत के हिसाब से देखा जाए तो हर अखबार और टीवी न्यूज चैनल पर इसकी खबरें घूमती रहनी चाहिए। जैसे कि कुछ महीने पहले तक किसान आंदोलन के समाचार चला करते थे। इस बीच छत्तीसगढ़ के ही बीजापुर से एक भयावह घटना सामने आई है। अमानवीयता के जितने क्रूर पर्याय शब्दकोश में हैं उन सभी का इस्तेमाल इस घटना के लिए की जा सकती है।

बीजापुर जिले में एक कथित तौर पर महिला नक्सली पाइके वेको की मौत हो गई है। पाइके वेको पर दो लाख रुपए का इनाम था। लेकिन मौत इतनी सीधी नहीं है। पाइके वेको के परिजनों ने कहा है कि ये हत्या है। उसके माता पिता ने DRG के जवानों पर हत्या का आरोप लगाया है। पाइके के घरवालों ने बीजापुर के नेलसनार थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

बस्तर की घटनाओं को दिखाने वाले यूट्यूब चैनल Bastar Talkies के जरिए यह खबर सामने आई है। बस्तर टॉकीज ने पाइके वेको के परिजनों द्वारा थाने में दिए गए शिकायत पत्र की फोटो ट्वीट की है। जिसमें पाइके के मां बाप ने DRG के जवानों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है आरोप:

पाइके वेको के माता पिता ने अपने शिकायत पत्र में लिखा है कि 30 मई को उसकी हत्या कर दी गई। पत्र में लिखा है कि “पाइके उस रात अपने मां के साथ सो रही थी। साथ में एक पड़ोस का बच्चा मोहन भी था। रात के 11-12 बजे DRG फोर्स के लोग हमारे आंगन के अंदर घुस गए।”

“आंगन में पहले दो महिला फोर्स पाइके को पकड़ने लगीं। पाइके ने मां को जकड़ लिया। मोहन का कहना है कि फोर्स वाले उसे जूतों से कोंध कर उसके ऊपर से गए। तब तक और पुलिस वाले आंगन में आ गए। आंगन के ही थोड़ा ऊपर पाइके के पिता और भाई सो रहे थे। उन्होंने सब कुछ देखा और सुना।”

“इन सब पुलिस वालों ने रोती चिल्लाती पाइके को घसीटते हुए आंगन से बाहर खींच कर ले गए। इसके बाद जंगल और पहाड़ के रास्ते ये लोग पाइके को ले गए।”

बलात्कार फिर हत्या:

पाइके वेको के माता पिता ने शिकायत पत्र में लिखा है कि “बाद में हमें समझ आया कि जंगल/पहाड़ वाले रास्ते में पहले उसके साथ बलात्कार हुआ। फिर चाकू से उसके शरीर के कई अंगों को काटा गया।” पाइके के परिजनों ने लिखा है कि चाकू से उसकी जांघ, हाथ, उंगलियां, माथा और एक स्तन काटी गई है। परिजनों ने बताया है कि अस्पताल से उन्हें पाइके की शव मिली।

पाइके वेको के घरवालों ने न्याय की मांग की है। उन्होंने DRG के जवानों पर हत्या और बलात्कार का मुकदमा दर्ज करवाया है। अब सवाल है कि क्या ये इतनी मामूली घटना है कि किसी शासन प्रशासन को इससे फर्क नहीं पड़ता? छत्तीसगढ़ की भूपेश बघेल सरकार ने चुनाव से पहले आदिवासी हितों का नारा जोर शोर से लगाया था। लेकिन आदिवासियों के हित में अब तक भूपेश बघेल की सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के वादे घोषणा पत्र में दब कर मर रहे हैं। जमीन पर आदिवासी मर रहे हैं। देखना होगा कि क्या इस मामले की जांच के भूपेश बघेल सरकार कोई कदम उठाती है या नहीं?

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