Latest News
Home ताजा खबर विपक्ष के 12 नेताओं ने पीएम को दिए 9 सलाह, वैक्सीन से सेंट्रल विष्टा और कृषि कानून तक!

विपक्ष के 12 नेताओं ने पीएम को दिए 9 सलाह, वैक्सीन से सेंट्रल विष्टा और कृषि कानून तक!

by Khabartakmedia

विपक्षी दलों के नेताओं ने बुधवार को भारत के प्रधानमंत्री के नाम एक चिट्ठी लिखी है। चिट्ठी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कुछ जरूरी सलाह दिए गए हैं। कोविड के टीकाकरण से लेकर कृषि कानूनों तक पर विपक्षी नेताओं ने सुझाव दिए हैं। इस चिट्ठी में कुल 9 बिंदुओं पर विपक्षी नेताओं ने सलाह दिए हैं। इस चिट्ठी पर कुल 12 विपक्षी नेताओं के नाम हैं। कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से लेकर कम्युनिस्ट पार्टी के सीताराम येचुरी तक के नाम इसमें शामिल हैं।

विपक्षी नेताओं ने लिखा है कि कोविड-19 महामारी ने भारत में अभूतपूर्व तबाही का रूप धारण किया है। पत्र में कहा गया है कि “हमने स्वतंत्र रूप से और संयुक्त रूप से कई बार विभिन्न उपायों को सुझाया है। जो इस स्थिति में केंद्र सरकार द्वारा लागू किया जाना जरूरी है। लेकिन दुर्भाग्य से आपकी सरकार ने उन्हें अनदेखा किया है या अस्वीकार कर दिया है। इसने स्थिति को जटिल बनाया है और ऐसी मानव त्रासदी तक पहुंचा दिया है।”

क्या हैं सलाह:

विपक्षी नेताओं ने अपनी चिट्ठी ने कुल नौ सुझाव दिए हैं।

  • सभी उपलब्ध वैश्विक और घरेलू स्रोतों से केंद्रीय रूप से वैक्सीन खरीदी जाए।
  • तत्काल रूप से देशभर में सार्वभौमिक और मुफ्त टीकाकरण शुरू की जाए।
  • घरेलू वैक्सीन उत्पादन को बढ़ाने के लिए जरूरी लाइसेंस दिए जाएं।
  • टीकाकरण के लिए बजट में आवंटित 35,000 करोड़ रुपए खर्च किए जाएं।
  • सेंट्रल विष्टा प्रोजेक्ट को रोका जाए। इसके लिए आवंटित धन को ऑक्सीजन और वैक्सीन खरीदने में खर्च किए जाएं।
  • पीएम केयर्स फंड के पैसे को वैक्सीन, ऑक्सीजन और अन्य चिकित्सकीय उपकरण खरीदने के लिए जारी किया जाए।
  • सभी बेरोजगारों को हर महीने कम से कम 6000 रुपए दिए जाएं।
  • जरूरतमंदों को मुफ्त खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाए। (एक करोड़ टन से अधिक अनाज वर्तमान में केंद्रीय गोदामों में सड़ रहा है।)
  • हमारे लाखों अन्नदाताओं को महामारी का शिकार होने से बचाने के लिए कृषि कानूनों को समाप्त किया जाए। ताकि वे भारतीय लोगों के लिए अन्न का उत्पादन कर सकें।

आसान भाषा में:

अब विपक्ष की इन सलाहों को सामान्य भाषा में समझते हैं। विपक्षी नेताओं का सबसे ज्यादा जोर टीकाकरण पर है। हर किसी को मुफ्त और पूरे देशभर के लोगों को टीका देने की बात कही गई है। बता दें कि भारत की नरेंद्र मोदी सरकार ने टीकाकरण के लिए 35,000 करोड़ रुपए बजट में घोषित किया था। विपक्ष का कहना है कि इस पैसे का इस्तेमाल किया जाए। क्योंकि कई मीडिया रपटों में यह बात सामने आई है कि सरकार इस पैसे को पूरी तरह खर्च नहीं कर रही है। देश में टीका उत्पादन बढ़ाने के लिए लाइसेंस देने की बात कही गई है। माने, अलग अलग कंपनियों को वैक्सीन बनाने की लाइसेंस दी जाए ताकि बड़ी मात्रा में टीके की उत्पादन हो।

दिल्ली में चल रहे सेंट्रल विष्टा प्रोजेक्ट को रोकने की बात कही गई है। सेंट्रल विष्टा इस समय बुरी तरह सवालों के घेरे में हैं। इस प्रोजेक्ट के लिए नरेंद्र मोदी सरकार ने 20,000 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को महामारी के वक्त रोक दी जाए। साथ इसका पैसा वैक्सीन और ऑक्सीजन खरीदने में लगाया जाए। इसके अलावा पीएम केयर्स फंड के पैसों का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया गया है।

बेरोजगारी भत्ता और कृषि कानून:

महामारी के समय में लाखों लोगों की नौकरी छिन गई है। बेरोजगारी चरम पर है। विपक्षी नेताओं ने सरकार को सलाह दी है कि बेरोजगारों को हर महीने 6 हजार रुपए दिए जाएं। अमेरिका समेत दुनिया के कई देशों ने इस महामारी के दौरान लोगों को बेरोजगारी भत्ता दी है। ताकि उनकी आजीविका चल सके। विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री से कहा है कि जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज दिए जाएं।

किसान आंदोलन और कृषि कानूनों को लेकर भी विपक्षी नेताओं ने पीएम को सुझाव दिया है। कहा गया है कि सरकार तीनों कृषि कानूनों को समाप्त कर दे। ताकि महामारी और संक्रमण के ख़तरे के बीच आंदोलन कर रहे किसान अपने घर जा सकें। कहा गया है कि सरकार कृषि कानून समाप्त कर दे ताकि हमारे अन्नदाता अपने घर चले जाएं। साथ ही भारतीयों के लिए अन्न उपजा सकें।

पत्र में नहीं है मायावती और ओवैसी के नाम:

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे गए इस चिट्ठी में कुल 12 विपक्षी नेताओं के नाम शामिल हैं। सोनिया गांधी, एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, उद्धव ठाकरे, ममता बनर्जी, एमके स्टालिन, हेमंत सोरेन, फारूक अब्दुल्ला, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, डी. राजा, सीतारमण येचुरी। यही वो बारह नेता हैं जिन्होंने ये पत्र लिखा है। लेकिन इस पत्र दो अन्य बड़े नाम गायब हैं। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती और AIMIM के नेता असद्दुदीन ओवैसी।

मायावती और ओवैसी का नाम इस पत्र में शामिल नहीं है। इसके कई राजनीतिक अर्थ निकाले जा सकते हैं। विपक्षी नेताओं ने एकता दिखाने का प्रयास किया है। साथ में मिलकर भाजपा सरकार और पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है। लेकिन विपक्षी धड़े के दो बड़े नाम मायावती और ओवैसी इसमें से नदारद हैं।

Related Articles

1 comment

Leave a Comment