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UP: भाजपा की पोस्टर से हटी नरेंद्र मोदी की फोटो, राजनीतिक हलकों में मचा शोर!

by Khabartakmedia
UP BJP POSTER AND NARENDRA MODI

त्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है। भाजपा सरकार और संगठन में इन दिनों खींचातानी चल रही है। राजनीतिक गलियारों में कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। कई कहानियां बुनी जा रही हैं। यूं तो आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी है नहीं। लेकिन यूपी भाजपा की गतिविधियां इस राजनीतिक आग की तरफ इशारा जरूर कर रही है। उत्तर प्रदेश भाजपा ने ट्विटर पर अपने आधिकारिक अकाउंट में एक बड़ा बदलाव किया है।

उत्तर प्रदेश भाजपा (@BJP4UP) ने अपने ट्विटर अकाउंट की कवर फोटो बदली है। अब कवर फोटो में एक नई पोस्टर लगाई गई है। जिसमें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) के साथ दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और दिनेश शर्मा हैं। पोस्टर पर एक तरफ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह की तस्वीर लगी है। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” नारा लिखा हुआ है।

यूपी बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट का स्क्रीनशॉट

इस पोस्टर में कहीं भी भाजपा के सबसे बड़े नेता और 2014 के बाद से भाजपा के पर्याय बन चुके नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) की तस्वीर नहीं है। ट्विटर या किसी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फोटो बदलना कोई बड़ी बात नहीं। लेकिन भाजपा में चल रहे विवादों के बीच ये बदलाव इतनी छोटी बात भी नहीं!

भाजपाई रणनीति से उलट:

2014 के बाद से भाजपा की बहुत ही स्पष्ट रणनीति रही है। हर बात में नरेंद्र मोदी के नाम का की रट लगाए रखना। भाजपा के नेता अपनी बातों की शुरुआत “मोदी जी” शब्द के साथ करते हैं और खत्म भी इसी के साथ। भाजपा के हर पोस्टर बैनर और तमाम प्रचार साधनों पर नरेंद्र मोदी की बड़ी सी तस्वीर जरूर रहती है।

बीजेपी ने पिछले सात सालों में “ब्रांड मोदी” को ही चमकाया है। हर चुनाव का चेहरा मोदी ही रहे हैं। इन तमाम बातों के साथ अगर यूपी बीजेपी के ट्विटर हैंडल पर हुए बदलाव को देखें तो मामला बिल्कुल भी सीधा नहीं लगता है।

मंत्रिमंडल विस्तार और एके शर्मा:

उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कयासें लगाई जा रही हैं। राज्य में 2022 में ही विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं। बस कुछ ही महीने रह गए हैं। चुनाव से पहले भाजपा अपनी कमजोरियों को दूर करना चाहती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की लापरवाहियों और कोरोना में हुए कुप्रबंधन पर पर्दा डालना चाहती है भाजपा। इसीलिए दिल्ली से नरेंद्र मोदी के खासमखास अरविंद कुमार शर्मा (Arvind Kumar Sharma) को यूपी भेजा गया।

योगी मंत्रिमंडल में अरविंद कुमार शर्मा को जगह दिए जाने को लेकर विवाद पैदा हुआ है। राजनीतिक टिप्पणीकार कहते हैं कि योगी आदित्यनाथ और अरविंद शर्मा के बीच खास बनती नहीं है। योगी अरविंद शर्मा को अपने ऊपर दिल्ली की लगाम के तौर पर देखते हैं। जबकि भाजपा आलाकमान अरविंद शर्मा को हर हाल में योगी मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहता है।

राजभवन पहुंचे थे भाजपा प्रभारी:

गौरतलब है कि गत रविवार को उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रभारी राधा मोहन सिंह राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से मिले थे। दोनों की मुलाकात राजभवन में हुई थी। राधा मोहन सिंह के राजभवन जाने की खबर ने हलचल बढ़ा दी थी। उम्मीद की जा रही थी कि सरकार में कुछ बड़े बदलाव होने वाले हैं। हालांकि अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ।

यूपी भाजपा के बड़े नेता लगातार ऐसे बयान दे रहे हैं जिससे लगे कि कहीं कुछ गड़बड़ नहीं है। लेकिन बगैर आग के धुंआ कहां निकलता है? देखना होगा कि ये तमाम समीकरण किस करवट बैठते हैं? 2022 के चुनाव में भाजपा किसके साथ मैदान में उतरती है? योगी आदित्यनाथ की ताकत के आगे आलाकमान झुकता है या कुछ और ही खेल होता है?

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