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काशी विद्यापीठ: ऑफलाइन परीक्षा का शुरू हुआ विरोध, ट्विटर पर दौड़ रहा है हैशटैग?

by Khabartakmedia

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में एक बार फिर खींचतान शुरू हो गई है। इस बार भी विश्वविद्यालय प्रशासन और छात्र छात्राओं के बीच ही ये रस्साकस्सी चल रही है। वजह बनी है वार्षिक परीक्षा। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से ऐसा संकेत दिया गया है कि इसी महीने (अप्रैल) के आखिरी सप्ताह से परीक्षाएं शुरू होंगी। सबसे पहले उन विषयों की परीक्षा होगी जिसमें परीक्षार्थियों की संख्या कम है। उसके बाद जिनमें संख्या अधिक है उनकी परीक्षा कराई जाएगी। विश्वविद्यालय के कुलसचिव साहेब लाल मौर्य का बयान भी अखबारों में छपा। उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि विश्वविद्यालय ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। परीक्षा इसी महीने के अंतिम हफ्ते से शुरू होंगी।

परीक्षा को लेकर जब यह खबर सामने आई तो इसका विरोध शुरू हो गया है। छात्र छात्राओं का कहना है कि कोविड-19 के ख़तरनाक संक्रमण के बीच परीक्षा का आयोजन उचित नहीं है। पूरे देश में अब एक डेढ़ लाख से ज्यादा मरीज हर रोज सामने आ रहे हैं। स्थिति बेकाबू जैसी हो चली है। अगर बात की जाए वाराणसी की तो यहां भी हालात सामान्य नहीं हैं। जिले में पिछले एक सप्ताह से कोरोना वायरस ने कोहराम मचा रखा है। गत शनिवार को ही कोरोना के 1100 से ज्यादा मरीज निकले हैं। सक्रिय मामलों की संख्या भी पांच हजार के ऊपर पहुंच चुकी है। ऐसे में बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं का विश्वविद्यालय पहुंचकर परीक्षा देना किसी ख़तरे से खाली नहीं है।

BHU की तर्ज पर हो परीक्षा:

बड़ी संख्या में छात्र छात्राओं की मांग है कि परीक्षा ऑनलाइन कराई जाए। ऑनलाइन परीक्षा की मांग करते हुए बार बार बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) का जिक्र हो रहा है। छात्रों की मांग है कि काशी विद्यापीठ भी बीएचयू की तरह ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन कराए। गौरतलब है कि बीएचयू ने पिछले साल भी कोरोना महामारी को देखते हुए सारी ऑफलाइन परीक्षाएं स्थगित कर दी थी। उसके बाद ऑनलाइन परीक्षा का आयोजन कराया गया था। इस बार भी यही हुआ है। लेकिन काशी विद्यापीठ ने पिछले साल भी अंतिम वर्ष के छात्रों की परीक्षा ऑफलाइन ही कराई थी। जबकि बाकी सभी को बगैर परीक्षा के ही प्रोन्नत कर दिया गया था।

टीकाकरण कराए विश्वविद्यालय:

छात्र छात्राओं का कहना है कि यदि ऑफलाइन परीक्षा होगी तब उनके स्वास्थ्य की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन को लेनी होगी। सोशल मीडिया पर लगातार लेख लिखे जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि “यदि ऑफलाइन परीक्षा ही करानी है तो विश्वविद्यालय अपनी ओर से सभी परीक्षार्थियों को मुफ्त वैक्सीन लगवाए। साथ ही परीक्षा केंद्रों पर थर्मल स्कैनिंग और सेनेटाइजर की व्यवस्था की जाए।

ट्विटर पर हैशटैग ट्रेंड:

बता दें कि बड़े स्तर पर ट्विटर पर छात्र छात्राएं #No_offline_exam_mgkvp के साथ ट्वीट कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसे लेकर अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही छात्रों का एक जत्था सोमवार को विश्वविद्यालय के कुलसचिव से इस बाबत मिलने की तैयारी भी कर रहा है।

काशी विद्यापीठ छात्र संघ के वर्तमान महामंत्री प्रफूल पांडेय गत शनिवार को कुलसचिव साहेब लाल मौर्य से मुलाकात की थी। प्रफूल पांडेय ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में इस वार्ता को लेकर जानकारी दी है। उनके मुताबिक कुलसचिव का कहना है कि “यदि ऑनलाइन परीक्षा कराई जाएगी तो ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों के लिए दिक्कत होगी।” ऐसा इसलिए क्योंकि ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट की समस्या है। अब ऐसे में सवाल उठता है कि यदि ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की समस्या है तब पिछले साल और इस साल भी लगातार ऑनलाइन कक्षाएं क्यों चलाई गईं? क्या तब इन ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र छात्राओं को जानबूझकर नजरंदाज किया गया?

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1 comment

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Kumar Manglam April 11, 2021 - 9:07 am

1- जब कक्षा ऑनलाइन चल सकती हैं तो परीक्षा ऑनलाइन क्यों नहीं हो सकता?
2- जब ऑफलाइन कक्षा चलाने में कोरोना हो सकता है तो क्या ऑफलाइन परीक्षा कराने में कोरोना नहीं होगा?
3- विश्वविद्यालय प्रशासन को ऑनलाइन कक्षा चलाते समय ग्रामीण इलाके के बच्चों का ख्याल नहीं आया कि वह ऑनलाइन शिक्षा कैसे ग्रहण करेंगे और आज परीक्षा कराने के समय उन्हें ग्रामीण इलाके की बच्चों की याद आती है और कहते हैं की वह बच्चे परीक्षा कैसे देंगे?
4- हमारे प्रधानमंत्री डिजिटल इंडिया की बात करते हैं डिजिटल क्लासेज चलाने की बात करते हैं तो क्या डिजिटल परीक्षाएं नहीं हो सकती?

ऑफलाइन परीक्षाएं कराने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन को हमारी मांगे पूरी करनी पड़ेगी:-
1- ऑफलाइन परीक्षा कराना है तो विश्वविद्यालय हर एक विद्यार्थी का पहले टीकाकरण कराए।
2-जिन भी विषयों के पाठ्यक्रम अभी बचे हुए हैं उनके सारे पाठ्यक्रम को पूरा कराएं वह भी ऑफलाइन।
3-विश्वविद्यालय प्रशासन यह लिखित आश्वासन दे कि अगर परीक्षा देते समय किसी भी विद्यार्थी को कुछ भी होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
4-परीक्षा से पहले हर एक विद्यार्थी का कोरोना टेस्ट कराएगा।

कुमार मंगलम
छात्रसंघ महामंत्री पद प्रत्याशी
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ,वाराणसी
मो0:-8318759572

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