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काशी विद्यापीठ: तीन घंटे कंप्यूटर पर लिख नहीं पाएंगे छात्र, कुलसचिव ने दिया बयान!

by Khabartakmedia

वाराणसी का महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय अब एक बार फिर खबरों में आ गया है। वार्षिक परीक्षा का समय है। लेकिन कोविड-19 महामारी के कारण परीक्षा की भी परीक्षा हो रही है। खबरों के मुताबिक सोमवार को विश्वविद्यालय परीक्षा की समय सारणी जारी करने वाला था। लेकिन आज कुछ छात्रों ने इसका विरोध कर दिया है। विरोध ने धरने की शक्ल ले ली है। छात्रों का एक जत्था प्रशासनिक भवन के सामने धरने पर बैठ गया है। प्रशासनिक भवन के द्वार पर ताला लगा दिया गया और जमकर नारेबाजी हुई।

छात्रों की मांग है कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए ऑफलाइन परीक्षा ना कराया जाए। इसके बदले ऑनलाइन परीक्षा कराई जाए। इन सभी सवालों को लेकर खबर तक Media ने कुलसचिव डॉ. साहेब लाल मौर्य से बातचीत की। बता दें कि कुलसचिव डॉ. साहेब लाल मौर्य खुद भी होम आइसोलेशन में हैं। क्योंकि उनके घर के दो सदस्य कोरोना संक्रमित हो गए हैं। फोन पर हुई इस विस्तृत बातचीत में कुलसचिव ने ऑफलाइन और ऑनलाइन परीक्षा के पहलुओं पर बात की।

कुलसचिव के मुताबिक विश्वविद्यालय प्रशासन ऑनलाइन परीक्षा नहीं करा सकता है। एक साथ इतनी बड़ी तादाद में छात्र छात्राओं की परीक्षा ऑनलाइन माध्यम से लेना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के बच्चे इससे परीक्षा नहीं दे पाएंगे। इस बातचीत में कुलसचिव ने कहा कि ज्यादातर छात्र कंप्यूटर पर तीन घंटे टाइपिंग नहीं कर पाएंगे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह हो सकता है कि हम सीएमओ से बात करके सभी छात्रों के लिए वैक्सीन का उपाय करें। सभी परीक्षार्थियों का टीकाकरण कराने के बाद ही परीक्षा शुरू की जाए। हालांकि उन्होंने ऐसी संभावना ही जताई है।

ऑनलाइन और ओपन बुक का पेंच:

कुलसचिव डॉ. मौर्य ने एक बयान में कहा कि ऑनलाइन परीक्षा होगी तब “छात्र तीन घंटे तक कंप्यूटर पर लिख ही नहीं सकेंगे।” इससे साफ जाहिर है कि कुलसचिव ओपन बुक परीक्षा की बात नहीं कर रहे हैं। जबकि छात्र काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की तर्ज पर ओपन बुक परीक्षा की बात करते हुए मालूम होते हैं। जिसमें कि विश्वविद्यालय के वेबसाइट पर सभी सवाल एक निश्चित समय पर डाल दिए जाते हैं। इसके बाद सभी परीक्षार्थियों के पास तीन घंटे का समय होता है। तीन घंटे के भीतर ही छात्र उन सवालों के जवाब A4 आकार के सादे कागज पर लिखते हैं
उसके बाद उनकी तस्वीर खींचकर विश्वविद्यालय की ही वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं।

काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में पिछले साल और इस साल भी इसी तरह से परीक्षाएं हुई हैं। इसमें परीक्षार्थी आसानी से अपने घर बैठकर ही परीक्षा दे लेते हैं। लेकिन साथ ही वे किसी भी तरह की सहायता किताबों और अन्य माध्यमों से भी ले पाते हैं। जिससे ओपन बुक परीक्षा महज एक औपचारिकता की तरह दिखने लगती है। जहां सिर्फ समय नीयत होती है। लेकिन बाकी कुछ भी सामान्य परीक्षा की तरह नहीं होता है।

बहरहाल छात्रों के विरोध को देखते हुए कुलसचिव ने कहा है कि समय सारणी अभी जारी नहीं की जाएगी। एक बार फिर परीक्षा समिति की बैठक होगी। जिनमें इन सभी बातों पर विचार किया जाएगा। उसके बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। साथ परीक्षा की समय सारणी जारी की जाएगी। फिलहाल बीए एलएलबी के तृतीय सेमेस्टर की परीक्षा स्थगित कर दी गई है। जो कि 13 अप्रैल से होने वाली थी।

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1 comment

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Pk April 12, 2021 - 2:35 pm

कुल सचिव जी समझ आना चाहिए कि वो खुद होम आइसोलेशन में तो छात्रों क्या होगा । बाकी यूनिवर्सिटी mcq based aur open book exam krwa rhe hai..Vo log bevkuf hai…Kya. जब ग्रामीण इलाके वाले बच्चें internet के कारण एग्जाम नही दे सकते तो वो ऑनलाइन क्लास कैसे किये होंगे ये विश्वविद्यालय तानाशाही करता है हमेशा से।

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