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संजय गांधी की पत्नी का नाम अगर आप भी मेनका गांधी जानते हैं, तो आप गलत हैं!

by Khabartakmedia

संजय गांधी, जिन्हें कभी भारत का दूसरा सबसे ताकतवर शख्स माना जाता था। जिसने एक कालखंड के दौरान भारत की प्रधानमंत्री और अपनी मां इंदिरा गांधी के सलाहकार की भूमिका निभाई। आपातकाल के दौर में संजय गांधी की भूमिका और भारतीय राजनीति में उनका स्थान एक अलग ही किस्सा है। लेकिन इस लेख में हम बात करने वाले हैं संजय गांधी की पत्नी के बारे में।

संजय गांधी की शादी एक सिख लड़की से हुई थी। जिनका नाम “मनेका आंनद” था। जो कि संजय गांधी के साथ विवाह के बाद “मनेका गांधी” हो गया। ये वही मनेका गांधी हैं, जिसे ज्यादातर लोग “मेनका गांधी” के नाम से जानते हैं। या यूं कहें कि बहुत कम लोग उन्हें “मनेका गांधी” के नाम से जानते हैं। मनेका गांधी के पिता भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल थे। उनका नाम तरलोचन सिंह आनंद था। मनेका नाम सुनने में अलग है। मेनका हिन्दू शास्त्रों में एक चरित्र का नाम भी है। इसी संदर्भ के कारण “मनेका गांधी” मेनका गांधी हो गईं।

मनेका गांधी ने दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से जर्मन की पढ़ाई की हुई है। बताया जाता है कि संजय और मनेका की पहली मुलाकात एक पार्टी में हुई थी। जिसका आयोजन मनेका के चाचा ने की थी। इसके बाद सितंबर, 1974 में संजय गांधी और मनेका आनंद की शादी हो गई। मनेका आनंद इसी के बाद से मनेका गांधी हो गईं। लेकिन लोग उन्हें मेनका गांधी के नाम से जानने लगे।

मनेका गांधी साथ में उनके पति संजय गांधी (फोटो: indiatimes.com)

1980 के विमान दुर्घटना में संजय गांधी की मौत हो गई। उनकी मृत्यु के वक्त वरुण गांधी (संजय और मनेका के बेटे) महज तीन महीने के थे। इस हादसे में संजय गांधी की मौत के बाद मनेका और इंदिरा गांधी में बहुत दिनों तक नीबह नहीं सका। वो कांग्रेस पार्टी और इंदिरा गांधी से अलग हो गईं। 1984 में उन्होंने अपने जेठ राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी में निर्दल चुनाव लड़ा। लेकिन मनेका गांधी ये चुनाव बुरी तरह हार गईं।

पहली बार 1989 में जनता दल की टिकट पर पीलीभीत से चुनाव जीतकर मनेका लोकसभा में पहुंची। बाद के सालों में वो भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गईं। लेकिन इससे पहले वो 1996 में जनता दल और दो बार निर्दल प्रत्याशी के रूप में पीलीभीत से ही सांसद बनीं। 2004 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की टिकट पर पीलीभीत में ही फिर से जीत हासिल की।

मनेका गांधी ने अब तक कई सरकारों में मंत्री पद संभाला है। चुनावी राजनीति से इतर वो एक पर्यावरण कार्यकर्ता भी हैं। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर के पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। जानवर अधिकारों की भी नेता हैं। 1996 में उन्हें प्राणी मित्र पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अलावा और भी कई पुरस्कार मनेका गांधी को मिल चुके हैं।

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