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Home चुनावी हलचल बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज ने जीता जिला पंचायत सदस्य का चुनाव, इंस्पेक्टर सुबोध की हुई थी हत्या!

बुलंदशहर हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज ने जीता जिला पंचायत सदस्य का चुनाव, इंस्पेक्टर सुबोध की हुई थी हत्या!

by Khabartakmedia

तीन साल पहले की बात है। साल था 2018, जब उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक भयानक हिंसा हुई थी। तारीख थी 3 दिसंबर, 2018 जब बुलंदशहर के महाव गांव में गाय का कंकाल मिलने पर हिंसा भड़क उठी थी। यह घटना स्याना कोतवाली क्षेत्र में घटी थी। इस हिंसा में तत्कालीन कोतवाल सुबोध कुमार सिंह और एक अन्य व्यक्ति की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस हिंसा के लिए योगेश राज नाम के एक व्यक्ति को मुख्य आरोपी बनाया। योगेश राज गिरफ्तार हुआ और सालभर बाद जमानत पर छूट गया। अब स्याना के वार्ड संख्या 5 से जिला पंचायत सदस्य चुना गया है। लोगों ने स्याना हिंसा के मुख्य आरोपी योगेश राज को वोट देकर जिला पंचायत सदस्य के पद पर बैठाया है।

जमानत पर रिहा योगेश राज वार्ड नंबर 5 से जिला पंचायत सदस्य का निर्दलीय उम्मीदवार था। दैनिक जागरण की खबर के मुताबिक उसके सामने प्रतिद्वंदी थे निर्दलीय प्रत्याशी निर्दोष चौधरी। चुनाव हुए, वोट पड़े और 2 मई को मतों की गिनती हुई। स्याना के वार्ड संख्या 5 का जनादेश आया। नतीजों में पता चला कि स्याना हिंसा का मुख्य आरोपी योगेश राज चुनाव जीतकर जिला पंचायत सदस्य बन गया है। दैनिक जागरण की खबर के अनुसार योगेश राज ने अपनी जीत पर कहा है कि “यह ग्रामीणों और विकास की जीत है। वार्ड नंबर 5 के ग्रामीणों ने विश्वास कर मुझ पर जो जिम्मेदारी सौंपी है, मैं हमेशा उनकी कसौटी पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा।”

क्या है हिंसा का पूरा मामला:

मीडिया रपटों के मुताबिक 3 दिसंबर, 2018 की सुबह स्याना के महाव गांव की एक खेत में गाय के कंकाल मिली। यह बात थोड़ी ही देर में आसपास के इलाकों में पसर गई। महाव और अन्य कई गांवों के लड़के उस खेत तक पहुंच गए जहां गाय की कंकाल होने की खबर थी। थोड़ी ही देर में सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। इस भीड़ में बजरंग दल का जिला संयोजक और अब जिला पंचायत सदस्य बन चुका योगेश राज भी शामिल था। इस भीड़ ने गाय के कंकाल को स्याना- बुलंदशहर हाईवे पर ले जाने का फैसला किया। ये लोग ट्रैक्टर की टोली में कंकाल लेकर हाईवे पर पहुंच गए। जहां चिरगंवाठी पुलिस चौकी है।

हाईवे के बीचोबीच ट्रैक्टर खड़ी कर भीड़ ने नारेबाजी शुरू की। खबरों के मुताबिक इस भीड़ में लगभग 400 लोग शामिल थे। पुलिस ने इन्हें समझाने और हटाने की कोशिश की। मौके पर इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह भी मौजूद थे। जब बात नहीं बनी तब पुलिस ने बलपूर्वक भीड़ को तितर बितर किया। भीड़ में शामिल लड़के इधर उधर भागने लगे। लेकिन अचानक एक बार फिर भीड़ चारों तरफ से आने लगी। साथ में पत्थरबाजी भी शुरू हो गई। भीड़ अब हिंसा पर उतारू हो गई।

भयानक अफरातफरी मची। गोली भी चली। इस हिंसा में सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में दिखता है कि सुबोध कुमार सिंह मरे हुए हालत में एक चार पहिया वाहन में पड़े हुए थे। जिसमें उनका सिर गाड़ी से नीचे लटकता दिखाई देता है और पैर गाड़ी की सीट पर। इसके बाद उस गाड़ी को भीड़ में शामिल लड़कों ने ही आग लगा दिया। इस पूरी हिंसा में पुलिस ने योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया था। आरोप था कि योगेश राज ने 400 लोगों की भीड़ को हिंसा के लिए उकसाया।

2019 के जनवरी महीने में योगेश राज को पुलिस ने गिरफ्तार किया। लेकिन बाद में उसे जमानत पर रिहा कर दिया गया। योगेश राज ने अब पंचायत चुनाव में हिस्सा लिया। लोगों ने उसे वोट देकर जीता दिया। जिस हिंसा ने सुबोध कुमार सिंह की जान ले ली उसका मुख्य आरोपी योगेश राज अब जिला पंचायत सदस्य बन चुका है।

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