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काशी विद्यापीठ: परीक्षा समिति की बैठक में क्या हुआ निर्णय, विश्वविद्यालय परीक्षा पर बड़ी खबर

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Mahatma Gandhi Kashi Vidyapith University

MGKVP Exams Latest Update. महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में इन दिनों परीक्षा को लेकर तैयारियां चल रही हैं। उत्तर प्रदेश सरकार के आदेश के बाद विश्वविद्यालय वार्षिक परीक्षाओं के हर पहलू पर विचार कर रहा है। कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए परीक्षा की अवधि से लेकर प्रश्न पत्र के स्वरूप तक पर चर्चा चल रही है। परीक्षा की तारीख भी तय की जानी है।

विश्वविद्यालय की परीक्षाओं पर पिछले तीन दिनों से परीक्षा समिति की बैठक हो रही है। कार्यवाहक कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठकें हो रही हैं। समिति की बैठक में परीक्षा के कई बिंदुओं पर आम सहमति बन गई है। जबकि कई बिंदुओं पर अभी भी परीक्षा समिति के सदस्यों में असहमति बनी हुई है।

क्या हुआ निर्णय:

शनिवार यानी 11 जून को एक बार फिर परीक्षा समिति की बैठक हुई। समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर खबर तक Media को इससे जुड़ी जानकारी दी है।

परीक्षा समिति ने तय किया है कि स्नातक व स्नातकोत्तर की परीक्षाएं 15 जुलाई से 31 जुलाई के बीच करा ली जाएंगी। परीक्षा के प्रश्न पत्र जांचने और रिजल्ट घोषित करने को ध्यान में रखते हुए 15-31 जुलाई के बीच परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया है।

परीक्षा समिति ने फैसला किया है कि सभी परीक्षाओं की अवधि डेढ़ घंटे की होगी। यानी जो परीक्षाएं पहले सवा तीन घंटे की होती थी, उसे अब घटाकर 1.30 घंटा कर दिया गया है। ये भी तय हुआ है कि हर विषय के लिए एक ही प्रश्न पत्र बनाई जाएगी।

हर विषय के लिए एक ही प्रश्न पत्र बनाई जाएगी। इस बात को आम भाषा में समझिए। मान लीजिए कि आपका एक विषय हिन्दी है। और आप हिन्दी के तीन प्रश्न पत्र पढ़ते हैं। तो आम तौर पर इन तीनों प्रश्न पत्रों की परीक्षाएं अलग अलग होती थीं। लेकिन इस साल इन तीनों प्रश्न पत्रों को मिलाकर एक ही प्रश्न पत्र बनाई जाएगी। हालांकि परीक्षा समिति के सदस्य बताते हैं कि उत्तर पुस्तिका तीन होगी।

सवालों के स्वरूप पर असहमति:

परीक्षा समिति में आज फिर एक पेंच फंस गई। यह निर्णय नहीं हो सका कि आखिर प्रश्न पत्र में सवाल किस तरह के पूछे जाएंगे। बहुविकल्पीय सवालों को लेकर परीक्षा समिति के सदस्य असहमत हैं। इसलिए इस मुद्दे पर आज भी कोई निर्णय नहीं हो सका।

समिति के सदस्य ने बताया है कि कार्यवाहक कुलपति ने आज इस विषय को टाल दिया। कुलपति ने कहा है कि परीक्षा समिति के सदस्य इस पर विचार करे।

क्या है मसला:

हमसे बात करते हुए परीक्षा समिति के सदस्य ने इस मामले को एक उदाहरण के साथ समझाया। उन्होंने बताया कि साहित्य, विज्ञान और वाणिज्य तीनों अलग तरह के विषय हैं। तीनों के स्वरूप अलग हैं। इसलिए तीनों में बहुविकल्पीय सवाल नहीं पूछे जा सकते हैं। क्योंकि साहित्य में कविताएं भी होती हैं। जिनकी व्याख्या लिखनी होती है। अब व्याख्या वाले सवाल को बहुविकल्पीय के रूप में तो नहीं पूछा जा सकता है!

कुलसचिव नहीं उठाते हैं फोन:

Registrar MGKVP Dr. Saheb lal maurya
Registrar MGKVP Dr. Saheb lal maurya

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलसचिव हैं डाॅ. साहेब लाल मौर्य। कुलसचिव परीक्षा समिति की बैठकों में हो रही चर्चाओं और निर्णय पर सवालों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। यही वजह है कि डाॅ. मौर्य को कई बार फोन करने पर भी फोन नहीं उठाते हैं। खबर तक Media उनसे पिछले तीन दिनों से संपर्क करने की कोशिश कर रही है। लेकिन वे स्वालों से बचने के लिए फोन का जवाब तक नहीं देते हैं।

काशी विद्यापीठ की वेबसाइट पर कुलसचिव का फोन नंबर मौजूद है। हम यहां भी उनका नंबर दे रहे हैं। विश्वविद्याल के जिन भी छात्र छात्राओं को परीक्षा संबंधी कोई संशय हो, उनसे सीधे फोन करके पूछें।

कुलसचिव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय: 94152 91923

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