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अमेरिका में भारतीय दूतावास के सामने लहराए गए खालिस्तान के झंडे, किसान आंदोलन का समर्थन!

by Khabartakmedia

भारत के किसान आंदोलन के समर्थन में दुनिया के दूसरे देशों में भी धरना-प्रदर्शन हो रहा है। बुधवार को ऐसी ही कुछ तस्वीरें संयुक्त राज्य अमेरिका से सामने आईं। अमेरिका में भारतीय दूतावास के सामने कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया। भारतीय दूतावास के सामने खड़े ये लोग किसान आंदोलन का समर्थन कर रहे थे। इनके हाथ में अलग अलग तरह के झंडे और तख्तियां थीं। जिन पर किसान समर्थन के नारे लिखे हुए थे।

भारतीय दूतावास के सामने प्रदर्शन करते लोग

प्रदर्शनकारियों ने खालिस्तान का झंडा लहराया। भारतीय दूतावास के सामने खालिस्तानी झंडा क्यों लहराया गया ये अब तक साफ नहीं हो सका है। कुछ लोगों की दफ्टियों पर लिखा था “हम आतंकी नहीं, किसान हैं।” ये तस्वीरें वॉशिंगटन डीसी की हैं। न्यूज़ एजेंसी एएनआई के मुताबिक खालिस्तान समर्थक लोगों ने यहां किसान आंदोलन के समर्थन में प्रदर्शन किया है।

“WE ARE FARMERS, NOT A TERRORIST”

गौरतलब है कि भारत में केंद्र सरकार की कृषि सुधार के तहत लाई गई तीन कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। आंदोलन में देशभर के किसान हिस्सा ले रहे हैं। ये किसान दिल्ली की सीमाओं पर पिछले ढाई महीने से बैठे हुए हैं। हालांकि अब तक शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा यह आंदोलन गत मंगलवार की घटना के बाद सवालों से घिर गया है। 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों ने दिल्ली में ट्रैक्टर परेड करने का ऐलान किया था। दिल्ली पुलिस और किसान नेताओं के बीच एक समझौता हुआ था। जिसके अनुसार किसानों को एक तय सड़क से अपनी ट्रैक्टर रैली गुजारनी थी। लेकिन जब ट्रैक्टर परेड शुरू हुआ तो हैरान कर देने वाली खबरें सामने आने लगीं। दिल्ली में भयंकर उपद्रव हो गया।

किसान आंदोलन के समर्थन में खालिस्तानी झंडे

किसान और पुलिस के बीच के हर समझौते को ताक पर रख दिया गया। किसानों का एक जत्था अपनी मनमर्जी से दिल्ली के दूसरे इलाकों में जाने लगा। हजारों की तादाद में किसान दिल्ली के लाल किले तक भी पहुंच गए थे। इस दौरान पुलिस और किसानों में जमकर हिंसा हुई। दोनों पक्षों के लोग बड़ी संख्या में घायल हुए। अब दिल्ली पुलिस उपद्रवियों की पहचान करने में जुट गई है। मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। किसान नेताओं ने भी आरोप लगाया है कि कुछ बाहरी तत्वों ने आंदोलन को बदनाम करने के लिए हिंसा फैलाई। बहुत से सवाल हैं जो घूम रहे हैं, जवाब मिलना अभी बाकी है।

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