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राष्ट्रपिता के पुण्यतिथि पर नशामुक्त भारत का लिया संकल्प

by Khabartakmedia

⚫ गोविंदास शास्त्री बने नशामुक्त भारत अभियान के ब्रांड एंबेसडर।

काशियाना फ़ाउंडेशन व संत कबीर प्राकट्य स्थली के संयुक्ततवधान में आयोजित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि एवं नशामुक्त संकल्प सभा कार्यक्रम सम्पन्न हुई। कार्यक्रम की शुरुआत महात्मा गांधी व कबीर दास को पुष्प अर्पित कर हुई। इसके बाद देवेंद्र दास ने बापू के लिए भजन गाया। संस्था द्वारा आतिथियों को पौधा भेंट कर उनका सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्यतिथि आर. के. उपाध्याय (कूलसचिव, केंद्रीय तिब्बती विश्वविद्यालय सारनाथ), विशिष्ट अतिथि डॉ. उत्तम ओझा (सदस्य केंद्रीय सलाहाकर दिव्यांगजन), डॉ. संजय चौरसिया, डॉ. सुनील मिश्रा (संस्थापक, साक्षर इंडिया फ़ाउंडेशन)। कार्यक्रम की अध्यक्षता कबीर मठ के प्रबंधक गोविंदास शास्त्री ने किया।

सौ हुए संकल्पित:

कार्यक्रम में उपस्थित 100 व्यक्तियों ने नशामुक्त भारत बनाने के लिए संकल्प भी लिया। कार्यक्रम के मुख्यतिथि आर. के. उपाध्याय ने कहा की “जिस प्रकार बुद्ध के पंचसिल सिद्धांत में आखिरी व अंतिम सिद्धांत नशामुक्ति था, उसी सिद्धांत को महात्मा गांधी आत्मसात् करते थे। गांधी जी का स्वप्न था स्वराज और नशामुक्त भारत का निर्माण करना। उसी को अपना मूल मंत्र मानकर हमें भारत को सशक्त व नशामुक्त बनाना होगा। आज महात्मा गांधी जी के पुण्यतिथि पर नशामुक्त भारत का संकल्प ले सभ्य समाज का निर्माण करना होगा। यही सच्ची श्रधांजलि होगी।” गोविंदास शास्त्री ने बताया कि “गांधी जी भी कबीर के विचारों का सदैव निर्वहन करते थे। जिस प्रकार से कबीर दास जी नशे के ख़िलाफ़ थे, उसी प्रकार से महात्मा गांधी जी भी ख़िलाफ़ हुआ करते थे।”

दीप प्रज्जवलित करते कार्यक्रम के अतिथि

सुमित सिंह (सदस्य, राष्ट्रीय नशामुक्ति व पुनर्वास समिति, भारत सरकार) ने कहा कि महात्मा गांधी एक व्यक्ति नहीं अपितु विचार थे। सन् 1920-1948 तक को गांधी युग कहा गया है। गांधी जी कहते हैं आदमी की पहचान उसके पहने हुए कपड़ों से नहीं की जा सकती बल्कि उसकी पहचान उसके गूण और चरित्र से होती है। यद्यपि व्यक्ति या मनुष्य नशे में लिप्त है तो वो जीवन में असफल होगा। क्योंकि नशा नाश की ओर ले जाता है। नशा सामाजिक, शारीरिक, और आर्थिक तीनों को नष्ट करता है।” भारत को विश्वगुरु बनाने के लिए सर्वप्रथम समाज को नशामुक्त होना होगा। जिस प्रकार से भगवान बुद्ध व महात्मा गांधी जी व कबीरदास जी ने अपने जीवन काल में नशामुक्ति की अलख जगाई थी उसी प्रकार से आज हम सब को संकल्प लेना होगा कि आज के भविष्य युवा पीढ़ी को इस अभिशाप से बचना होगा।


कार्यक्रम का संचालन सुमित सिंह (संस्थापक,काशियाना फ़ाउंडेशन) व धन्यवाद भावेश सेठ ने किया। कार्यक्रम में धनंजय यादव, ब्रजेश कुमार, देवेश सिंह, मनीष वर्मा, देवेंद्र दास, राहुल साहनी, सतीश मौर्य व अन्य लोग उपस्थित रहे।

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