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पत्रकारों के खिलाफ बंद हो सरकारी षड्यंत्र, काशी विद्यापीठ के पत्रकारिता के छात्र हुए एकजुट

by Khabartakmedia

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में सोमवार को छात्र-छात्राओं ने पत्रकारों के समर्थन में मौन रखा। यहां संविधान की उद्देशिका भी पढ़ी गई। देशभर में पत्रकारों के खिलाफ हो रहे एफआईआर और अत्याचार से आहत होकर यह सभा हुआ। पत्रकारिता विभाग के इन विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में मानविकी संकाय में इकट्ठा होकर अपना रोष प्रकट किया।

स्वतंत्र पत्रकारों की गिरफ्तारी और मुकदमों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से यह सभा बुलाई गई थी। जहां सभी ने दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद संविधान की प्रस्तावना भी पढ़ी गई। गौरतलब है कि देशभर में केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन चल रहा है। इस किसान आंदोलन के दौरान लगभग सभी बड़ी खबरों को स्वतंत्र पत्रकारों ने ही उजागर किया है। इसी को लेकर सरकारी अमले में नाराजगी है। जिसके चलते पत्रकार अब शासन के निशाने पर हैं।

मौन रखे छात्र-छात्राएं

लोकतांत्रिक मूल्यों को ताक पर रखकर पत्रकारों की आवाज दबाने की जुगत हो रही है। पत्रकारों पर गम्भीर धाराओं में धड़ाधड़ मुकदमे और गिरफ्तारियां हो रही हैं। बता दें कि भारत स्वतंत्र पत्रकारिता के मामले में जारी 180 देशों की रैंकिंग में 142 वें स्थान पर है। यह पिछले साल के मुताबिक दो स्थान नीचे गिर चुका है। ऐसे में अगर अब भी सरकार पत्रकारों का मुंह बंद करने के लिए षड्यंत्र रच रही है तो स्थिति बदतर हो जाएगी।
इन्हीं बातों को लेकर आने वाले समय के पत्रकारों यानी कि पत्रकारिता के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर अपनी आवाज बुलंद की है। एक स्वर में ऐसी गतिविधियों की कड़ी निन्दा की गई और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया गया।

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