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Home कोरोना वायरस रामदेव ने फिर बनाया डाक्टरों का मजाक, IMA के पूर्व अध्यक्ष ने दी बड़ी चुनौती!

रामदेव ने फिर बनाया डाक्टरों का मजाक, IMA के पूर्व अध्यक्ष ने दी बड़ी चुनौती!

by Khabartakmedia

Yoga Guru Ramdev. योग गुरु बाबा रामदेव लगातार डाक्टरों पर सवाल उठा रहे हैं। Allopathy विज्ञान को स्टुपिड बताने के बाद रामदेव काफी आगे बढ़ चुके हैं। उन्होंने देशभर के डाक्टरों पर सवालिया निशान लगा दिया है। जिसे लेकर Indian Medical Association (IMA) काफी नाराज़ है। रामदेव ने सोमवार को एक योग कार्यक्रम के दौरान डाक्टरों की मौत का मजाक बना दिया। रामदेव ने कहा कि “10000 डाक्टर कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी मर गए। जो खुद को नहीं बचा सके वो दूसरों को क्या बचाएंगे?”

पतंजलि के व्यापारी रामदेव के इस संवेदनहीन बयान का वीडियो दिन भर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। रामदेव वीडियो में जब यह बात बोल रहे हैं तब वो हंसते हुए भी दिख रहे हैं। रामदेव का यह बयान भ्रामक भी और असंवेदनशील भी। डाक्टर दिन रात अपनी जान की परवाह किए बगैर लोगों की जान बचा रहे हैं। ऐसे में उनकी दुखद मृत्यु का उपहास उड़ाया जाना कहां तक सही है? क्या इसे अपराध नहीं माना जाना चाहिए?

डॉ. राजन शर्मा की चुनौती:

डॉ. राजन शर्मा

डॉ. राजन शर्मा IMA के पूर्व अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने आज बाबा रामदेव को एक बड़ी चुनौती दे दी है। उन्होंने कहा है कि “बाबा जी आप तीन हफ्ते लेवल तीन (Level- 3) के कोविड वार्ड में धोती कुर्ता में रहकर दिखाइए, फिर बात होगी।” एक टीवी न्यूज चैनल ‘Aaj Tak’ पर हो रही बहस के दौरान डॉ. राजन ने यह चुनौती पेश की है। बता दें कि इस टीवी डिबेट में डॉ. राजन के साथ खुद रामदेव भी मौजूद थे। रामदेव ने डॉ. राजन के इस चुनौती को मंजूर नहीं किया। उन्होंने इस मुद्दे को भटका दिया और धोती कुर्ते पर बात को गुमराह कर दिया।

रामदेव ने IMA से पूछा 25 सवाल:

आज शाम ही रामदेव ने एक बयान जारी किया। जिसमें कुल 25 सवाल पूछे गए हैं। रामदेव ने यह सवाल खुले तौर पर IMA और फार्मा कंपनियों से पूछा है। इनमें कई बीमारियों के इलाज और उनकी दवाइयों पर सवाल पूछा गया है।

गौरतलब है कि रामदेव पिछले दिनों एलोपैथी विज्ञान को स्टुपिड, तमाशा और दिवालिया बताया था। रामदेव ने कहा था कि एलोपैथी की दवा खाने से लाखों लोग मर गए। इस पर IMA ने कड़ी नाराजगी जताई थी। IMA ने सरकार से मांग की थी कि या तो रामदेव की बात मानकर एलोपैथी के इलाज पर देश में रोक लगाया जाए। या फिर रामदेव को गिरफ्तार किया जाए।

बढ़ते दबावों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने रामदेव को चिट्ठी लिख था। डॉ. हर्षवर्धन ने रामदेव के बयान की आलोचना की थी। साथ उन्हें अपना बयान वापस लेने की बात भी कही थी। जिसके बाद गत रविवार को रामदेव ने अपना बयान वापस ले लिया था।

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