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टीका लगवाने के बाद हुई मौत का क्या है माजरा? बता दिया डा. फहीम युनूस ने

by Khabartakmedia

COVID-19 VACCINE. भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण बुरी तरह फैला हुआ है। लोग इस वायरस से संक्रमित हो रहे हैं, हजारों की संख्या में मर रहे हैं। इस वैश्विक महामारी ने 2020 से लेकर अब तक कोहराम मचाया हुआ है। कोरोना का कहर कब थमेगा ये कहा नहीं जा सकता है। लेकिन दुनिया भर के वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने इस वायरस से निपटने के उपाय किए हैं। कई तरीके खोजे गए हैं, ताकि इस महामारी से लोगों का जीवन बचाया जा सके।

कोरोना से निपटने के तमाम उपायों में अब तक सबसे कारगर साबित हुआ है टीकाकरण है। दुनिया भर के वैज्ञानिकों ने खूब सरी मेहनत करके और दिमाग लगाकर कोरोना की टीका बनाई है। कई अलग अलग देशों ने कोरोना की टीका बना ली है। यूं तो कोई भी वैक्सीन अब तक शत प्रतिशत असरदार साबित नहीं हुआ है। लेकिन फिर कोरोना टीकाकरण ही वो उपाय है जिससे कि इस महामारी से बचा जा सकता है।

शारीरिक दूरी और मास्क पहनने जैसे उपाय कोरोना के ख़तरे को टाल सकते हैं। लेकिन हमेशा के लिए किसी व्यक्ति को बचा नहीं सकते हैं। साथ ही इन्हें पूरे जीवन अपनाया भी नहीं जा सकता है। ऐसे में हर देश का जोर अपने नागरिकों को वैक्सीन लगवाने पर है। अधिक से अधिक जनसंख्या को कोरोना की वैक्सीन लगाने की कवायद चल रही है। भारत में भी कोरोना की टीका लगाई जा रही है। भारत फिलहाल दो स्वदेशी टीकों का इस्तेमाल कर रहा है। जबकि जल्द ही कुछ विदेशी टीके भी भारत में लगाए जाएंगे।

वैक्सीन लगने के बाद मौत की घटना:

भारत में कुछ जगहों से ऐसी खबरें देखने को मिली हैं कि किसी व्यक्ति ने कोरोना की टीका लगवाई लेकिन उसके बाद उसकी मौत हो गई। इसे लेकर सोशल मीडिया पर ढेर सारी भ्रामक जानकारियां भी फैलाई गई हैं।

स्वास्थ्य जगत के जानेमाने विशेषज्ञ डा. फहीम युनूस ने इसे लेकर 13 मई यानी आज एक ट्वीट किया है। इस ट्वीट में डा. फहीम युनूस ने टीका लगवाने के बाद होने वाली मौत को एक उदाहरण से समझाया है। डा. फहीम ने लिखा है कि “टीकाकरण के बाद किसी व्यक्ति की मौत क्यों हुई? यह सवाल, लोग सीट बेल्ट पहनने के बावजूद कार दुर्घटना में क्यों मरते हैं, पूछने जैसा है।”

इस उदाहरण को आसान भाषा में समझिए। कई दफा लोग अपनी गाड़ियों में पूरी सुरक्षा के साथ जा रहे होते हैं। इसके बावजूद अगर कोई बड़ी दुर्घटना हो जाए तो उनकी मृत्यु हो जाती है। कुछ हद तक यही बात कोरोना वैक्सीन पर भी लागू होती है। डा. फहीम का कहना है कि “कोई भी वैक्सीन सौ फीसदी प्रभावी नहीं है।”

कोरोना टीकाकरण को लेकर सोशल मीडिया पर ढेरों फर्जी जानकारियां बांटी जा रही हैं। इससे सावधान रहने की जरूरत है। दुनिया भर के बड़े बड़े स्वास्थ्य विशेषज्ञ कोरोना की टीकाकरण पर मुहर लगा चुके हैं। डा. फहीम युनूस मैरीलैंड विश्वविद्यालय में संक्रामक रोगों के प्रमुख हैं।

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