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Home चुनावी हलचल क्या चुनाव आयोग को गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो की तस्वीरें नहीं दिखती हैं?

क्या चुनाव आयोग को गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो की तस्वीरें नहीं दिखती हैं?

by Khabartakmedia

पश्चिम बंगाल में विधानसभा के लिए अब तक चार चरण का मतदान समाप्त हो चुका है। कुल आठ चरणों में पश्चिम बंगाल का चुनाव होना है। पांचवे चरण के लिए 17 अप्रैल को मत डाले जाएंगे। पिछले चार चरणों की तरह इस चरण में भी नेताओं के भाषण और रैलियां ताबड़तोड़ हो रही हैं। ममता बनर्जी से लेकर नरेंद्र मोदी और अमित शाह तक पूरी ताकत से सभाएं कर रहे हैं। पूरी कोशिश है कि “किसी भी हाल में” मतदाताओं को अपने पक्ष में कर लिया जाए। किसी भी हाल में। इसमें एक हाल कोविड 19 का है। पूरे देश में कोरोना संक्रमण ने हाहाकार मचा रखा है। वायरस का असर तो पश्चिम बंगाल में भी है। लेकिन उसे नजरंदाज किया जा रहा है।

हर पार्टी के नेता रैलियां कर रहे हैं, रोड शो कर रहे हैं। लाखों लोग इकट्ठा हो रहे हैं। इनमें मास्क भूले भटके लोग ही पहने दिख रहे हैं। इतने लोग कि तस्वीर में ढूंढ़ना मुश्किल है। रही बात दो गज के दूरी की। इस पर बात करना भी खानापूर्ति ही लगती है। लेकिन अंदाजा लगाया जा सकता है कि एक जगह पर लाखों लोग इकट्ठा हो रहे हैं। ऐसे में दो गज की दूरी के नियम का क्या ही पालन होगा! लेकिन निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का पालन करने की बात शुरुआत में ही कही थी। मास्क पहनने और रैली अथवा रोड शो के दौरान भीड़ इकट्ठा ना करने की भी बात कही गई थी।

गृह मंत्री के रोड शो में उमड़ी भीड़ (फोटो:ANI)

ऐसे में सवाल है कि क्या निर्वाचन आयोग को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रोड शो की तस्वीरें नहीं दिखती हैं? क्या चुनाव आयोग जानबूझकर गृह मंत्री के रोड शो को नजरंदाज कर रहा है? या फिर जो कोविड प्रोटोकॉल बनाए गए हैं, वो सिर्फ कागज की शोभा बढ़ाने के लिए बनाए गए हैं? मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर में थे। यहां वे इस्लामपुर नामक क्षेत्र में एक रोड शो कर रहे थे। यहां 17 अप्रैल को पांचवे चरण में मतदान होना है।

रोड शो में बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। न्यूज एजेंसी ANI द्वारा जारी तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि इस रोड शो में दो गज दूरी के नियमों का उल्लंघन हुआ है। साथ ही गृह मंत्री अमित शाह किसी भी तस्वीर में मास्क पहने हुए नहीं दिख रहे हैं। पश्चिम बंगाल के चुनाव प्रचार में लगभग शुरू से ही गृह मंत्री को इसी तरह बगैर मास्क के देखा गया है। ऐसे में सवाल है कि क्या चुनाव आयोग को गृह मंत्री से कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर जवाब नहीं मांगनी चाहिए? कोविड से बचाव के नियमों की धज्जियां उड़ाने के लिए गृह मंत्री अमित शाह पर आखिर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए?

बगैर मास्क पहने गृह मंत्री अमित शाह (फोटो:ANI)

दिलचस्प है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह खुद ही देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ कोविड की बिगड़ती हालत पर बैठक करते हैं। गृह मंत्रालय अलग अलग दिशा निर्देश जारी करता है। लेकिन उस मंत्रालय के मुखिया अमित शाह उन्हीं नियमों का पालन नहीं करते हैं। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग इन सभी गतिविधियों पर चुप्पी साधे हुए है। या यूं कहें कि निर्वाचन आयोग ने अपनी आंखों पर पर्दा डाल रखा है।

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