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आत्मनिर्भर भारत के लिए बरेका ने बढ़ाए कदम, स्वदेशी को बढ़ावा देने का खींचा खाका

by Khabartakmedia

संभावित एवं रुचि लेने वाले उद्यमियों के व्यवसाय को आसान बनाने के लिए सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं पंजीकरण फॉर्म को साइट पर उपलब्ध कराया गया है। इस पर संशोधित एमएसएमई वर्गीकरण, उद्यम पंजीकरण (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का पोर्टल, जो उद्योग आधार नंबर जारी करता है ), मेक इन इंडिया नीति एवं स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं से खरीद की प्राथमिकताओं से संबंधित सूचना दी गई है।

भारतीय रेलवे पूरे रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण की गति बढ़ा रहा है। बरेका 2020-21 में 275 रेलइंजन की तुलना में 2021-22 में 355 मालवाहक रेलइंजन और 25 यात्रीवाहक रेलइंजन बनाएगा। इससे स्वदेशी उद्योग से सामग्री की खरीद बढ़ेगी तथा प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार में वृद्धि होगी। भारतीय स्टेट बैंक की सहभागिता से विक्रेताओं को भारतीय रेलवे में शुरू किए गए लेटर ऑफ क्रेडिट विकल्प की जानकारी मिलेगी। यह कार्यशील पूंजी की उपलब्धता में सुधार की दिशा में एक कदम है।
आत्मनिर्भर भारत के संकल्प के अंतर्गत बरेका स्वदेशी निर्माण क्षमता के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। हमने इस विक्रेता बैठक का आयोजन स्वदेशी निर्माताओं के बीच अपने उन उत्पादों के बारे में जागरूकता का प्रसार करने के लिए किया है, जिन्हें हम इस समय आयात कर रहें हैं और जिसके लिए सीमित स्वदेशी आपूर्तिकर्ता हैं।

कोविड के कारण सीमित स्वदेशी आपूर्तिकर्ताओं के साथ उत्पादों से संबंधित जानकारी साझा करने के लिए इंटरनेट के माध्यम से पब्लिक डोमेन में लिंक https://blw.indianrailways.gov.in/ticker/1611906012289Less_than_5_ind_sources.pdf उपलब्ध कराया गया था। इसके माध्यम से विक्रेता उत्पादों के फीचर एवं फोटोग्राफ देख सकते थे।
अब कोविड-19 के बाद दिनांक 27.02.2021 को बरेका में पहला फिजिकल वेंडर मीट आयोजित किया जा रहा है। हम स्वदेशी उत्पादकों को इन उत्पादों का निर्माण शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना चाहते हैं, जहां सीमित स्वदेशी निर्माता हैं। विक्रेताओं को बरेका के इंजीनियरों से बातचीत करने का अवसर मिलेगा। वे इन उत्पादों का फीचर, मशीन एवं सामग्री तथा इन्हें निर्मित करने के लिए अपेक्षित कौशल की जानकारी देंगे। इससे इच्छुक उद्यमियों के लिए व्यापार करने में आसानी होगी।
भावी आपूर्तिकर्ताओं की सुविधा के लिए निम्नलिखित व्यवस्था की गई है :-
• सभी संबंधित दस्तावेजों की साइट पर उपलब्धता (तकनीकी आवश्यकताओं और ड्राइंग की अनुसूची)
• पंजीकरण फार्म साइट पर जारी किया जाना
• पंजीकरण के लिए आवेदन करने और निविदाओं में भाग लेने के लिए इंटरएक्टिव सेशन
• वेंडर मीट के दौरान बरेका एमएसएमई के संशोधित वर्गीकरण (प्लांट एवं मशीनरी/इक्यूपमेंट में निवेश एवं वार्षिक टर्नओवर के आधार पर) तथा उद्यम रजिस्ट्रेशन (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का पोर्टल, जिसमें उद्योग आधार नंबर दिया गया है) के संबंध में विक्रेताओं को आवश्यक सूचनाएं भी दे रहा है। रजिस्ट्रेशन लिंक : https://udyamregistration.gov.in/Government-India/Ministry-MSME-registration.htm. इसके अलावा स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं के साथ मेक इन इंडिया नीति एवं खरीद प्राथमिकताओं के संबंध में विचार विमर्श किया जाएगा, ताकि उन्हें प्रोत्साहित किया जा सके। नियम 144 (XI), सामान्य वित्तीय नियम (जीएफआर) के अंतर्गत प्रतिबंधों से जुड़े हुए नए विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

बरेका रेलवे नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण के लक्ष्य के साथ अधिक विद्युत रेलइंजनों का निर्माण करके देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रहा है। इससे स्वदेशी उद्योग से सामग्री की खरीद बढ़ेगी, रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे।
बैठक के दौरान भारतीय स्टेट बैंक के अधिकारी भारतीय रेलवे में शुरू किए गए लेटर ऑफ क्रेडिट योजना को समझाने के लिए विक्रेताओं के साथ बातचीत करेंगे।


बरेका अभी भी निर्यात के लिए डीजल रेलइंजन बना रहा है। अब तक 165 रेल इंजनों का निर्यात किया गया है। मोज़ाम्बिक के लिए 6 रेल इंजनों का निर्यात आदेश हमारे पास है, जिनमें से दो इंजनों का निर्माण अंतिम चरण में है।
हम गैर रेलवे ग्राहकों के लिए भी डीजल इंजन बना रहे हैं। बरेका ने खनन तथा अन्य कंपनियों को 459 डीजल रेलइंजन बेचे हैं।
बरेका ने मार्च 1976 में तंजानिया को अपना पहला लोको निर्यात किया था। तब से लेकर अब तक बरेका ने तंजानिया, वियतनाम, श्रीलंका, बांग्लादेश, म्यांमार, सेनेगल, सूडान, अंगोला, माली, मोजाम्बिक और मलेशिया जैसे विभिन्न देशों को 165 रेलइंजन निर्यात किए हैं।
बरेका को अंतर्राष्ट्रीय रेलवे उद्योग मानक (IRIS) प्रमाणन प्राप्त है। इस प्रमाणन को प्राप्त करने वाली यह भारतीय रेल की पहली उत्पादन इकाई है। इस आईआरआईएस प्रमाणन से बरेका लोकोमोटिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में दुनिया के अन्य अग्रणी निर्माताओं के समकक्ष हो गया है। इस प्रमाण पत्र के अतिरिक्त बरेका को आईएसओ 9001:2015, आईएसओ 14001:2015, ओहसास 18001:2007), आईएसओ 50001:2011, 5-एस, एनएबीएल, आईएसओ 17025:2017 और ग्रीनको जैसे विभिन्न प्रतिष्ठित गुणवत्ता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए हैं।


बरेका द्वारा विद्युत रेलइंजन उत्पादन में 98% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे एमएसएमई और स्वदेशी विनिर्माण क्षेत्र को बड़े पैमाने पर मदद मिल रही है। वर्ष 2020-21 में बरेका की वार्षिक खरीद रु. 3,000 करोड़ है। एमएसएमई से पर्याप्त मात्रा में सामग्री खरीदी जाती है। वर्ष 2019-20 में एमएसएमई से खरीद लगभग रु.1,400 करोड़ थी। अर्थव्यवस्था में बरेका का प्रतिवर्ष विनिर्माण सकल घरेलू उत्पाद में लगभग रु.4,000 करोड़ के कारोबार का योगदान है। बरेका इस समय सरकार के आत्मनिर्भर भारत की दूरदर्शी नीति को प्राप्त करने की दिशा में मल्टी गेज और मल्टी ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक का उत्पादन करने के लिए अपने बहुउद्देशीय बुनियादी ढांचे का लाभ उठाने की स्थिति में है। एनटीपीसी, एनएमडीसी जैसे विभिन्न ग्राहकों को बरेका रु.36.46 करोड़ मूल्य के 4 डीज़ल रेलइंजन पहले ही आपूर्त कर चुका है। इसके बाद रु.47.88 करोड़ मूल्य के 5 रेलइंजनों का आदेश प्रक्रियाधीन है, जिनकी आपूर्ति वर्तमान वित्तीय वर्ष में की जाएगी। इसके अलावा ग्राहकों को रु.5.54 करोड़ मूल्य के अतिरिक्त पुर्जों की आपूर्ति की गई एवं विभिन्न ग्राहकों से रु.8.18 करोड़ मूल्य के अतिरिक्त पुर्जों का आदेश प्राप्त है, जिनकी आपूर्ति शीघ्र की जाएगी।


बरेका ने रेलइंजन निर्माण की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इस संबंध में बरेका ने बड़े फैब्रिकटेड मदों के विक्रेताओं के साथ मिलकर उनके वेल्डरों को आईएसओ 9606 मानक के अनुसार वेल्डर प्रमाणपत्र देने में सक्षम स्टेट ऑफ आर्ट वेल्डिंग अनुसंधान संस्थान बरेका में प्रशिक्षण दिया है। इससे प्राइवेट सेक्टर विशेषतः एमएसएमई में कौशल विकास एवं प्रतिस्पर्धा बढ़ाने में मदद मिलेगी एवं ब्रांड इंडिया की छवि में वृद्धि होगी। बरेका ई-लर्निंग के माध्यम से कौशल उन्नयन हेतु मॉड्यूल विकसित कर रहा है। प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र को “कौशल विकास के उत्कृष्ट केंद्र” के रूप में विकसित किया गया है। माननीय प्रधानमंत्री द्वारा संकल्पित “कौशल विकास अभियान” के अंतर्गत अब तक विभिन्न ट्रेडों में 521 युवाओं को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं प्रमाणपत्र दिया गया है। साथ ही फरवरी-मार्च, 2021 में 45 युवाओं को वेल्डिंग ट्रेड में प्रशिक्षित किया जाएगा। बरेका में कर्मचारियों के वेल्डिंग कौशल को बढ़ाने के लिए पर्यावरण के अनुकूल वेल्डिंग सिमुलेटर भी स्थापित किया गया है, जिसमें न किसी सामग्री की आवश्यकता होती है और न ही धुएँ का उत्सर्जन होता है। प्रत्येक प्रशिक्षु वेल्डर अपनी गुणवत्ता का परीक्षण कर सकता है एवं दिशानिर्देश के अनुसार अपनी दक्षता में सुधार कर सकता है। जिग एवं फिक्स्चर, वेल्डिंग, वर्कमैनशिप एवं ड्राइंग की बेहतर समझ के संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश देते हुए प्राइवेट सेक्टर द्वारा आपूर्त किए गए कुछ उत्पादों में पाई गई कमियों के निवारण के साथ गुणवत्ता में सुधार किया जा रहा है। यह पूरा प्रयास ब्रांड इंडिया में सुधार का है।
पर्यावरण के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बरेका ने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता में 17.31% की वृद्धि की है, जिससे वर्ष 2019-20 की इसी अवधि की तुलना में जनवरी, 2021 तक ग्रिड ऊर्जा उपभोग में 24.51% की कमी आई है।
राष्ट्रीय रेल योजना के मसौदे के अनुसार आने वाले वर्षों में रेल आधारित मालवहन की मांग दो गुना होने की संभावना है। इस उद्देश्य को प्राप्त करने के लिए द्रुतगामी एवं भारी मालवहन क्षमता वाली ट्रेनों की आवश्यकता है। द्रुतगामी एवं भारी मालवहन की आवश्यकता को देखते हुए बरेका ने डब्ल्यूएजी-9 श्रेणी के 6000 अश्वशक्ति वाले मालवाहक रेलइंजन के निर्माण की योजना बनाई है।

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