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The Wire और राणा अय्यूब समेत कई पत्रकारों और कांग्रेसियों पर मुकदमा, निजी लड़ाई को पहनाया था हिंदू-मुसलमान का जामा!

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FIR lodged on THE WIRE, RANA AYYUB and MOHAMMED ZUBAIR

Uttar Pradesh, Ghajiabad Viral Video. सोशल मीडिया पर पिछले दिनों एक वीडियो खूब वायरल हुआ। वीडियो में 4-5 लड़के मिलकर एक बुजुर्ग मुसलमान आदमी को पीट रहे थे। वीडियो में यह भी दिखा कि बुजुर्ग व्यक्ति की दाढ़ी जबरन काट दी गई। इस मामले पर तुरंत ही धार्मिक रंग चढ़ गया। ट्विटर पर कई पत्रकारों और न्यूज वेबसाइट ने इसे धार्मिक विवाद करार दिया था। अब उत्तर प्रदेश पुलिस ने ऐसे कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस ने फैक्ट चेक वेबसाइट Alt News के मोहम्मद जुबैर, पत्रकार राणा अय्यूब, पत्रकार और लेखक सबा नकवी और न्यूज वेबसाइट The Wire के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की एफआईआर में कांग्रेस के भी तीन नेताओं के नाम शामिल हैं। डॉ. शमा मोहम्मद, सलमान निजामी और मस्कूर उसमानी। इन सभी पर जानबूझकर लोक शांति को अस्त व्यस्त करने के लिए ट्वीट करने के आरोप लगे हैं। इन पर IPC की धारा 153, 153-A, 295-A, 505, 120-B और 34 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

अब समझिए पूरा मामला:

सोशल पर एक बुजुर्ग के साथ मारपीट का वीडियो पिछले दिनों खूब वायरल हुआ। वीडियो उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लोनी का था। इसमें एक बुजुर्ग मुसलमान आदमी को 4-5 लोग पीटते हुए दिखाई दिए। साथ ही बदमाशों ने बुजुर्ग की दाढ़ी भी काट दी।

सोशल मीडिया पर इस मामले को धार्मिक रंग दे दी गई। दावा किया गया कि बुजुर्ग की पिटाई हिंदू लड़कों ने की है। क्योंकि बुजुर्ग एक मुसलमान था। ट्विटर पर यह कहा गया कि बुजुर्ग मुसलमान “जय श्री राम” का नारा लगाने के लिए पीटा गया। उनसे जबरन कनपटी पर बंदूक रखकर “जय श्री राम” का नारा लगवाया गया।

कई मीडिया वेबसाइट पर ये खबर चलाई गई। ज्यादातर ने यही दावा किया। The Wire ने भी इसे रिपोर्ट किया। ठीक इसी धार्मिक रंग के साथ। इस मामले को खूब तूल दिया गया। जाहिर है कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं। अल्पसंख्यकों के सार्वजनिक तौर पर पिटाई और “जय श्री राम” का नारा लगाने पर मजबूर करने के कई मामले सामने आए हैं।

हालांकि हर बार और हर मामले में विवाद का कारण धार्मिक हो ये ज़रूरी नहीं। तथ्यों की जांच किए बगैर इस मसले को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया।

क्या है असली वजह:

गाजियाबाद पुलिस के अनुसार पीड़ित बुजुर्ग का नाम सूफी अब्दुल समद है। समद ताबीज बेचते हैं। लोनी में उन्होंने यह ताबीज परवेश गुज्जर नाम के एक व्यक्ति को बेची। परवेश का कहना है कि उस ताबीज ने उनके घर पर बुरा असर किया। इस वजह से परवेश ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर समद की पिटाई कर दी। उनकी दाढ़ी भी काट दी।

परवेश गुज्जर के साथ कल्लू, पोली, आरिफ, आदिल और मुशाहिद भी इस मारपीट में शामिल थे। इस मामले में कहीं से कोई हिंदू मुसलमान का विवाद नहीं था। पीड़ित और आरोपी एक ही धर्म के हैं।

राहुल गांधी ने किया था ट्वीट:

गाजियाबाद के इस झगड़े पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक ट्वीट किया था। राहुल गांधी ने कहा था कि “मैं ये मानने को तैयार नहीं हूँ कि श्रीराम के सच्चे भक्त ऐसा कर सकते हैं। ऐसी क्रूरता मानवता से कोसों दूर है और समाज व धर्म दोनों के लिए शर्मनाक है।” राहुल गांधी ने अपनी ट्वीट में नवभारत टाइम्स की एक खबर का स्क्रीनशॉट भी शेयर किया था। जिसका शीर्षक था “जय श्री राम न कहने पर बुजुर्ग की पिटाई, कनपटी पर बंदूक रखकर काटी दाढ़ी, गाजियाबाद पुलिस ने किया दो को गिरफ्तार”

राहुल गांधी के इस ट्वीट का जवाब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिया था। योगी ने लिखा कि, प्रभु श्री राम की पहली सीख है-“सत्य बोलना” जो आपने कभी जीवन में किया नहीं। शर्म आनी चाहिए कि पुलिस द्वारा सच्चाई बताने के बाद भी आप समाज में जहर फैलाने में लगे हैं। सत्ता के लालच में मानवता को शर्मसार कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश की जनता को अपमानित करना, उन्हें बदनाम करना छोड़ दें।

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