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Home कोरोना वायरस भारत में हर रोज आएंगे 8-9 लाख नए कोरोना मरीज, अमेरिकी विशेषज्ञ का अनुमान!

भारत में हर रोज आएंगे 8-9 लाख नए कोरोना मरीज, अमेरिकी विशेषज्ञ का अनुमान!

by Khabartakmedia

भारत में फिलहाल कोरोना वायरस संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है। इस लहर ने भारत में अब तक काफी कुछ तबाह कर दिया है। दूसरी लहर ने स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह चौपट कर दिया। आम जनजीवन बिल्कुल त्रस्त हो चुका है। तबाही का मंजर इतना खौफनाक है कि लोग नाउम्मीद हुए जा रहे हैं। लोगों का हिम्मत टूट रहा है। संबल जवाब दे रहा है। कोविड महामारी का असर कम होने के बजाए दिन ब दिन बढ़ता चला जा रहा है। रणनीतियों और पुख्ता इंतजाम की कमी से देश इस दलदल में धसे जा रहा है।

इन सब के बीच संक्रमण के दूसरे लहर की चरम को लेकर बातें शुरू हो गई हैं। दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञ और वैज्ञानिक भारत की स्थिति पर शोध कर रहे हैं। पूरी दुनिया में इस समय भारत में कोरोना महामारी का असर सबसे अधिक है। इसलिए हर किसी की नजर भारत पर जमी हुई है। अमेरिका के मिशिगन यूनिवर्सिटी की महामारी विज्ञानी डॉ. भ्रमर मुखर्जी ने भारत को लेकर एक अनुमान लगाया है। डॉ. भ्रमर ने अपने शोध के आधार पर कहा है की इसी महीने के दूसरे हफ्ते तक भारत में कोरोना संक्रमण अपने चरम पर पहुंच सकता है।

क्या है अनुमान:

डॉ. भ्रमर मुखर्जी के अनुसार भारत में जब कोरोना संक्रमण की चरम होगी तब हर दिन 8-9 लाख नए कोरोना मरीज आएंगे। जबकि एक दिन में लगभग साढ़े चार हजार लोगों की मौत भी हो सकती है। ये स्थिति मई के दूसरे सप्ताह में हो सकती है। डॉ. भ्रमर ने यह भी कहा है कि जल्द ही कुछ ठोस कदम नहीं उठाए गए तो हालात बदतर हो जाएंगे।

डॉ. भ्रमर मुखर्जी पिछले साल से ही भारत में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। वो लगातार इससे जुड़े आंकड़ों पर शोध कर रही हैं। आंकड़ों और ग्राफ के जरिए उन्होंने कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के पीक को लेकर अनुमान लगाया है। अपने शोध और अनुमान की सटीकता के लिए डॉ. भ्रमर मुखर्जी दुनियाभर में जानी जाती हैं।

क्या भारत सरकार होगी सजग:

अब देखना होगा कि भारत सरकार इन वैज्ञानिक भविष्यवाणियों को कितने गंभीरता से लेती है? देश में जिस तरह के हालात हैं, भारत सरकार को इन अनुमानों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। क्योंकि मुख्यतः इसी गलती के कारण भारत में आज महामारी ने अपनी जड़ें जमा ली है। पिछले साल के अंत में जब संक्रमितों की संख्या में गिरावट होने लगी तब केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ढीली पड़ गई। बाद में प्रधानमंत्री ने यह ऐलान भी कर दिया था कि भारत ने कोरोना पर विजय पा ली है।

हालांकि इसी दौरान वैज्ञानिकों ने कोरोना की दूसरी लहर को लेकर चेताया था। लेकिन सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने की तैयारी नहीं की। जिसका नतीजा आज भारत झेल रहा है। देश में अस्पतालों में बेड की कमी है, ऑक्सीजन की किल्लत है और जरूरी दवाइयां भी आसानी से नहीं मिल पा रहे

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