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Home कोरोना वायरस बीते चौबीस घंटे में 4 हजार से अधिक लोगों ने गंवाई जान, कितने आए कोरोना के नए मामले?

बीते चौबीस घंटे में 4 हजार से अधिक लोगों ने गंवाई जान, कितने आए कोरोना के नए मामले?

by Khabartakmedia
corona virus

भारत में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर चल रही है। दूसरी लहर ने देश में भयानक किस्म की तबाही मचाई हुई है। लगातार लोगों की मौतें हो रही हैं। कहीं नदियों में लाशें बह रही हैं। तो कहीं रेतीले जमीन में लाशों को गाड़ा जा रहा है। इलाज से लेकर अंतिम संस्कार तक कमियों की अंबार खड़ी हो चुकी है। अब यह बात जगजाहिर हो चुकी है कि भारत की स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है। साथ ही यह बात बेपर्दा हो चुकी है कि सरकार ने पहली लहर के दौरान कोरोना को गंभीरता से नहीं लिया। सरकार ने पूरी तरह से लापरवाही और बेपरवाही का उदाहरण दिया है।

भारत में कोविड का संक्रमण तेजी से फैलता ही जा रहा है। लेकिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार इसे आंकड़ों के जरिए गुमराह कर रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा पिछले चौबीस घंटे की कोरोना रिपोर्ट जारी की गई है। इसके मुताबिक देशभर में कोरोना के 3,62,727 नए मामले सामने आए हैं। जबकि 4,120 लोगों ने दम तोड़ दिया है। हालांकि यह ध्यान रखना चाहिए कि ये आंकड़े सरकारी हैं। जिन की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार पिछले चौबीस घंटे में 3,52,181 लोग अस्पताल से डिस्चार्ज भी हुए हैं। माने कि लोग इस बीमारी से ठीक भी हो रहे हैं।

कोविड जांच और सरकारी खेल:

भारत में सक्रिय कोरोना संक्रमितों की संख्या 37,10,525 हो चुकी हैं। ये आंकड़ा ख़तरनाक और चिंताजनक है। आईसीएमआर की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 12 मई यानी कि गत बुधवार को कुल 18,64,594 कोरोना सैंपल की जांच हुई है। कोविड जांच ही सरकार के लिए सबसे बड़ा हथियार है। जांच की संख्या को घटाकर सरकार ये दिखाने का प्रयास करती रही है कि भारत में संक्रमण कम हो रहा है। जबकि इसके उलट शहरों और गांवों में बुरी तरह लोग इस वायरस की चपेट में आ रहे हैं। ग्रामीण इलाकों की हालत गंभीर हो चुकी है। जांच बढ़ाकर सरकार संक्रमितों की पहचान कर सकती है। उसके बाद ही किसी व्यक्ति का इलाज संभव है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यही वो रास्ता है जिससे संक्रमण पर काबू पाया जा सकता है।

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