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Home कोरोना वायरस फर्जीवाड़ा: कोरोना से हुई 100 से अधिक मौतों को वाराणसी जिला प्रशासन ने छुपाया, पढ़िए ये विशेष रिपोर्ट

फर्जीवाड़ा: कोरोना से हुई 100 से अधिक मौतों को वाराणसी जिला प्रशासन ने छुपाया, पढ़िए ये विशेष रिपोर्ट

by Khabartakmedia
corona virus

भारत में कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर जारी किए जा रहे आंकड़े शुरू से ही सवालों के घेरे में रहे हैं। टेस्टिंग की संख्या और संक्रमितों की संख्या में हो रही गड़बड़ी पर लगातार सवाल उठाए गए हैं। असल हकीकत से कागजी आंकड़े बेहद कम हैं। ये हालत पूरे देश की ही है। जिला प्रशासन से लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़े हमेशा संदेह के घेरे में रहे हैं। शासन और प्रशासन पर आरोप है कि असल सच्चाई को छुपाने के लिए आंकड़ों में हेर-फेर की जा रही है।

वाराणसी जिला प्रशासन ने मंगलवार (4 मई, 2021) को एक कोविड बुलेटिन जारी की। जिसमें वाराणसी में पिछले चौबीस घंटे की कोरोना संक्रमण की स्थिति बताई गई। इस रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में पिछले चौबीस घंटे में कोरोना की वजह से कुल 8 मौतें हुई हैं। इस रिपोर्ट में वाराणसी में अब तक कुल कोरोना वायरस संक्रमितों और उससे मरने वालों की संख्या जारी की गई। वाराणसी जिला प्रशासन की यह रिपोर्ट कहती है कि जिले में अब तक कुल 607 लोगों ने जान गंवाई है।

वाराणसी जिला प्रशासन की रिपोर्ट

अलग है उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट:

हर दिन की तरह आज भी उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से एक कोरोना बुलेटिन जारी की गई। जिसमें जिलेवार तरीके से पूरे प्रदेश की कोरोना रिपोर्ट जारी की गई। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जारी इस रिपोर्ट में वाराणसी के भी संक्रमण के भी आंकड़े हैं। यूपी सरकार कहती है कि वाराणसी में पिछले चौबीस घंटे में कोरोना के चलते 19 लोगों की मौत हुई है। साथ यूपी सरकार की रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी में अब तक कुल 719 लोगों ने कोविड संक्रमण के कारण जान गंवाई है।

उत्तर प्रदेश सरकार की रिपोर्ट (ऊपर से नंबर 3 पर है वाराणसी की रिपोर्ट)

वाराणसी जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार की पिछले चौबीस घंटे की रिपोर्ट के बीच 11 लोगों की मौत का फासला है। जबकि अब तक की कुल आंकड़ों के बीच 112 लोगों की मौत का अंतर दिखता है। सवाल है कि एक ही जिले की रिपोर्ट में इतना ऊपर नीचे कैसे हो गया? शासन और प्रशासन के कागजी आंकड़ों में भी समानता देखने को नहीं मिल रही है। सवाल है कि क्या 112 लोगों की मौत का कोई मतलब नहीं? आखिर क्यों वाराणसी जिला प्रशासन ने 112 लोगों की मौत को छुपाया?

क्या जिला प्रशासन खुद ही सही आंकड़े जुटा नहीं सका? तब बड़ा सवाल है कि उत्तर प्रदेश सरकार को वाराणसी में अब तक 719 लोगों के मरने की रिपोर्ट किस आधार पर मिली? क्या जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार अपने अपने स्तर पर आंकड़े इकट्ठा कर रहा? या फिर जानबूझकर जिला प्रशासन ने मौत की संख्या कम दिखाई है? ताकि वाराणसी के लोगों को लगे कि जिले में कोरोना का असर कम है?

उत्तर प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन के आंकड़ों में लगातार असमानता देखने को मिली है। इसे लेकर खबर तक Media ने पहले भी खबर दिखाई है। लेकिन प्रशासन पर इसका कोई असर होता नहीं दिख रहा है। जमीनी हकीकत ये है कि ये दोनों ही आंकड़े अपने आप में पूरे नहीं हैं। वास्तव में कोरोना संक्रमितों और उससे मरने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक है। लेकिन यदि इन कागजी आंकड़ों को सही मान भी लिया जाए तो सवाल पैदा होता है कि किस आंकड़े को सच्चा माना जाए?

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