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Home कोरोना वायरस उत्तर प्रदेश में बनाई गई कोरोना माता मंदिर, गांव में लगी ‘कोरोना देवी’ की मूर्ति, होती है हर रोज पूजा!

उत्तर प्रदेश में बनाई गई कोरोना माता मंदिर, गांव में लगी ‘कोरोना देवी’ की मूर्ति, होती है हर रोज पूजा!

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corona mata temple

Corona Mata Temple. उत्तर प्रदेश के एक गांव में कोरोना माता मंदिर की स्थापना की गई है। प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में शुक्लापुर नाम का एक गांव है। शुक्लापुर गांव में एक मंदिर बनाई गई है। जिसका नाम रखा गया है कोरोना माता मंदिर। इस मंदिर में हर रोज गांव के सैकड़ों लोग पूजा करने आते हैं।

इस कोरोना माता मंदिर में एक छोटी सी मूर्ति रखी गई है। मूर्ति के चेहरे पर मास्क लगा हुआ है। मूर्ति की बनावट हिंदू धर्म के किसी देवी की मूर्ति की तरह है। गांव वालों ने इस मूर्ति को कोरोना माता का नाम दिया है।

शुक्लापुर के रहने वाले लोगों का मानना है कि इस मंदिर में कोरोना देवी की पूजा करने से कोरोना की महामारी से रक्षा होगी। इसीलिए हर रोज सैकड़ों की संख्या में लोग कोरोना माता मंदिर में जुटते हैं और पूजा पाठ करते हैं।

क्या कहते हैं लोग:

इस कोरोना माता मंदिर के पुजारी राधे श्याम का बयान मीडिया में छपा है। राधे श्याम का कहते हैं कि “जैसे हमारे पास चेचक माता मंदिर थी उसी तरह अब हम लोगों ने कोरोना माता मंदिर बनाया है। हमारा विश्वास है कि कोरोना देवी हमारी सारी मुश्किलें दूर करेंगी।”

मंदिर के पुजारी राधे श्याम ने यह भी बताया है कि गांव में इस काम के लिए चंदा लगाया गया। गांव वालों से चंदा इकट्ठा किया गया है। उसी पैसे से इस मंदिर का निर्माण हुआ है। राधे श्याम कहते हैं कि यह पहली बार नहीं हो रहा है। जब चेचक से तबाही मची थी तब भी चेचक माता की मंदिर बनाई गई थी।

धार्मिक अंधविश्वास का नमूना:

ये 21 वीं सदी है। लेकिन शुक्लापुर गांव के लोगों का कारनामा सौ साल पहले के दौर में घसीट ले जाएगा। हालांकि ऐसी अंधविश्वास की खबरें इस वैज्ञानिकता के 21 वीं शताब्दी में भी आते रहते हैं। कोरोना महामारी में उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों से ऐसी कुछ खबरें आई हैं। जहां लोग कोरोना को एक आसमानी शक्ति मानकर उसकी पूजा करने लगते हैं।

कोरोना एक वायरस है। इसका संक्रमण घातक है। यह किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है। कोरोना वायरस को लेकर दुनिया भर में अध्ययन हो रहे हैं। इसी का नतीजा है कि दुनिया में इससे बचने के लिए कई टीके भी बनाए जा चुके हैं।

इन सब के बावजूद जागरूकता और शिक्षा की कमी के चलते उत्तर प्रदेश का एक गांव इस वायरस को देवी मानकर मंदिर बना रहा है। 21 वीं सदी में एक वायरस की पूजा हो रही है। उसके सामने सुरक्षा के लिए प्रार्थना हो रही है।

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