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सनसनीखेज़: किसान आंदोलन में हिंसा फैलाने की तैयारी, चार किसान नेताओं के हत्या की साज़िश!

by Khabartakmedia

किसान आंदोलन को लेकर बीती रात एक सनसनीखेज़ खुलासा हुआ है। ऐसी बात सामने आई है कि आपकी भौंहें खड़ी हो जाएंगी। ढाई महीने से शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से चल रहा किसान आंदोलन कुछ लोगों के लिए नासूर बना हुआ है। इसलिए सरकारी बैठकों के साथ साथ किसान आंदोलन को बदनाम करने की साज़िश भी हो रही है। किसान आंदोलन में हिंसा फैला कर लोगों की भावनाएं किसानों के खिलाफ करने की योजना बनाई जा रही है। हालांकि इस बार षड्यंत्र से पर्दा उठ गया है।
किसानों ने सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार की रात एक अज्ञात शख्स को पकड़ा। जो की धरना दे किसानों को लेकर साज़िश रच रहा था। उसी समय किसान नेता दिल्ली से भारत सरकार के साथ वार्ता कर के लौटे थे। किसानों ने पूरी बात अपने किसान नेताओं को बताई। तो किसान नेता भौचक्के रह गए। आननफानन में किसान नेताओं ने एक प्रेस कांफ्रेंस बुलाई। प्रेस कांफ्रेंस में धरे गए संदिग्ध आदमी को भी बैठाया गया। हालांकि किसान नेताओं ने इस आदमी का मुंह एक रुमाल से ढक दिया था। ताकि उसकी पहचान सार्वजनिक ना हो सके। प्रेस कांफ्रेंस में किसान नेताओं ने पकड़े गए शख्स के आधार पर कई दावे किए। फिर मुंह ढके साजिशकर्ता ने भी कई बड़े खुलासे किए।

रुमाल से मुंह ढके साजिशकर्ता (बीच में)

क्या थी साज़िश?

पकड़े गए व्यक्ति ने प्रेस को बताया कि उनकी 10-11 लोगों की एक टीम बनी है। उन्हें किसान आंदोलन में हिंसा फैलाकर बदनाम करने का काम सौंपा गया है। उसने बताया कि 23 जनवरी से 26 जनवरी के बीच चार किसान नेताओं के हत्या की योजना बनाई गई थी। जब उससे उन चार किसान नेताओं का नाम पूछा गया तो उसने कहा कि “मुझे नाम नहीं पता, हमें चारों के फोटो दिए गए हैं।”
शख्स ने कहा कि 26 जनवरी को जब किसान अपना मार्च निकालेंगे तो हमलोग कई राउंड गोलियां चलाने वाले हैं। ताकि उपद्रव हो सके। उसने बताया कि एक थाने का एसएचओ है जो उन्हें ट्रेंनिग दे रहा है। उसके पास असलहे थे ऐसी जानकारी भी है।
किसान नेताओं ने कहा कि यह जनमत को हमारे खिलाफ करने कि बड़ी साजिश है। ये काम बहुत बड़े स्तर पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस को खबर कर दी गई है। प्रेस कांफ्रेंस के बाद उस संदिग्ध आदमी को पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा। गौरतलब है कि केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर के किसान पिछले ढाई महीने से अधिक वक्त से आंदोलन कर रहे हैं। किसान दिल्ली की सीमा पर डेरा डाले बैठे हुए हैं। किसानों की योजना है कि आने वाले गणतंत्र दिवस को एक किसान मार्च निकाली जाएगी। हालांकि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पूरी जद्दोजहद कर रही है कि किसान यह मार्च नहीं निकाल सकें। इसके लिए सरकार ने अदालत का भी रुख किया। लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि यह मामला कानून व्यवस्था का है। पुलिस अपने अभी अधिकारों का इस्तेमाल कर सकती है। न्यायालय इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करेगा।

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