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कोरोना की दूसरी लहर में 90 फीसदी ऐसे लोग मरे जिन्हें बचाया जा सकता था: राहुल गांधी

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Rahul Gandhi (file photo)

Congress Leader Rahul Gandhi Press Conference. मंगलवार को कांग्रेस नेता और वायनाड सांसद राहुल गांधी ने एक प्रेस कांफ्रेंस की। कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित इस प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी ने एक श्वेत पत्र जारी किया। इस श्वेत पत्र में कोरोना संक्रमण को लेकर सरकार द्वारा किए गए ‘कुप्रबंधन’ की विस्तृत अवलोकन गई है। साथ ही सरकार को कोरोना के आने वाले तीसरे लहर से जुड़े सलाह भी दिए गए हैं।

कांग्रेस नेता राहुल ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि Covid-19 पर हमारी इस श्वेत पत्र रिपोर्ट का उद्देश्य सरकार को जानकारी प्रदान करना है। ताकि आने वाली लहरों में होने वाली मौतों को रोका जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य सिर्फ सरकार पर उंगली उठाना ही नहीं है। राहुल गांधी ने कहा कि भारत सरकार को देश हित में हमारे रचनात्मक इनपुट पर काम करना चाहिए।

दूसरी लहर के दौरान हुई मौतों को लेकर राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि दूसरी लहर के दौरान जितने भी लोगों ने जान गंवाई उनमें से 90 फीसदी लोगों को बचाया जा सकता था। लेकिन उन्हें नहीं बचाया गया। क्योंकि उन्हें ऑक्सीजन नहीं मिला। राहुल ने बताया कि “मैं कई ऐसे परिवारों को जानता हूं जिसमें किसी की मां, किसी के पिता, भाई, बहन ऑक्सीजन की कमी से नहीं बचाए जा सके।”

टीकाकरण को तरजीह:

राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि “कोरोना से लड़ने का एक ही तरीका है, टीकाकरण। जितनी जल्दी हो सके ज्यादा से ज्यादा और सभी लोगों को कोरोना की टीका लगाई जानी चाहिए। तभी हम आने वाली तीसरी लहर से अपने लोगों को बचा सकेंगे।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर राज्य को बगैर किसी भेदभाव के टीका दे। सरकार ये ना देखे कि कौन से राज्य में भाजपा की सरकार है और कौन से राज्य में कांग्रेस की सरकार है।

21 जून यानी बीते कल भारत में रिकॉर्डतोड़ टीकाकरण हुआ। देश में एक ही दिन में अस्सी लाख से ज्यादा लोगों को कोरोना की टीका लगाई गई। इसे लेकर राहुल गांधी ने कहा कि “कल अच्छा काम हुआ। लेकिन 50% या 70% नहीं, बड़ी तेजी से पूरी आबादी को टीका लगनी होगी।”

पीएम के आंसू पर राहुल का जवाब:

इस प्रेस वार्ता के दौरान ABP न्यूज के पत्रकार आशीष सिंह ने राहुल गांधी से सवाल किया। उन्होंने पूछा कि “देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री भावुक हो गए थे और उन्होंने कहा था कि देश में जितनी ऑक्सीजन की जरूरत थी सरकार ने उसे पूरा किया।” इस सवाल के जवाब में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आंसू उन लोगों के आंसू नहीं पोंछ सकते जिनके परिवार के किसी सदस्य की मौत हुई है।

राहुल गांधी ने साफ कहा कि भारत में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं थी। हमें जितनी ऑक्सीजन की जरूरत थी ये देश उतनी ऑक्सीजन बना सकता था। लेकिन सरकार और प्रधानमंत्री का ध्यान उस वक्त कहीं और था। प्रधानमंत्री बंगाल में चुनाव लड़ रहे थे। उनका फोकस इस तरफ नहीं था।

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