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Home कोरोना वायरस “ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई एक भी मौत”, केंद्र और राज्य सरकारों का फर्जीवाड़ा

“ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई एक भी मौत”, केंद्र और राज्य सरकारों का फर्जीवाड़ा

by Khabartakmedia
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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने कहा है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की भी मौत नहीं हुई है। सरकार ने संसद में ये बयान दिया है कि कोरोना काल के दौरान किसी भी व्यक्ति की मौत ऑक्सीजन की कमी से नहीं हुई है। सरकार का कहना है कि ख़ास तौर पर राज्य सरकारों ने ऑक्सीजन की कमी से कोई भी मृत्यु दर्ज नहीं की है। संसद में स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ. भारती प्रवीण पवार ने एक सवाल का जवाब देते हुए कहा है कि “स्वास्थ्य राज्य का विषय है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मृत्यु की रिपोर्टिंग के लिए विस्तृत दिशा निर्देश जारी की गई थी। इसी आधार पर नियमित रूप से राज्यों ने कोरोना के मामलों की रिपोर्टिंग की है। इस तरह ऑक्सीजन की कमी से कोई भी मौत राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दर्ज नहीं की गई है।” 


केंद्र सरकार के इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर बवाल कट रहा है। लोग सरकार के इस बेतुके बयान पर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे हैं। इस मामले पर सियासी टीका-टिप्पणी भी जमकर हो रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने राज्यसभा में कहा कि राज्य सरकारों को पूरी छूट दी गई थी कि अपने हिसाब से सारे मामलों के आंकड़े जारी करें। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि केंद्र का इस मामले में कोई हस्तक्षेप नहीं था। 
ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई वाले विवाद पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है कि “सिर्फ़ ऑक्सीजन की ही कमी नहीं थी। संवेदनशीलता व सत्य की भारी कमी- तब भी थी, आज भी है।” तो वहीं भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने राहुल गांधी और कांग्रेस पर झूठ की राजनीति करने का आरोप लगाया। संबित पात्रा ने कहा कि महाराष्ट्र में कांग्रेस के सहयोग से सरकार चल रही है। महाराष्ट्र सरकार ने खुद अदालत में ये बात कही है कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई है।


बता दें कि यह विवाद पैदा होने के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री टी एस सिंह देव ने कहा है कि हमारे राज्य में ऑक्सीजन की कमी से किसी की जान नहीं गई। हमारे राज्य में ऑक्सीजन की मात्रा जरुरत से ज्यादा थी। छत्तीसग़ढ में कांग्रेस की सरकार है, भूपेश बघेल वहां के मुख्यमंत्री हैं। अब ऐसे में सवाल उठता है कि राहुल गांधी केंद्र सरकार को ऑक्सीजन वाले जवाब पर घेर रहे हैं। तो वहीं दूसरी और उन्हीं के पार्टी की सरकार के स्वास्थ्य मंत्री यह कह रहे हैं कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत नहीं हुई है।


ट्विटर पर केंद्र और राज्य सरकारों के इस सफ़ेद झूठ पर लोग अपना गुस्सा निकाल रहे हैं। लेखक और पत्रकार उज्जवल भट्टाचार्य ने ट्वीट किया है कि “अरे हरामज़ादे! ऑक्सीजन के बिना अगर किसी की मौत नहीं हुई, तो मेरा भाई प्रदीप कैसे चला गया?”


गौरतलब है कि कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर के दौरान हजारों लोगों की मौत ऑक्सीजन की कमी से हुई। ये ऐसा मामला है जिसमें साक्ष्य पेश करने की भी जरुरत नहीं है। क्योंकि हर आदमी इस दौर में इस पीड़ा से होकर गुजरा है। ज्यादातर लोगों ने दूसरे लहर के दौरान अपने किसी परिचित के लिए ऑक्सीजन के लिए गुहार लगाई है। साथ ही हजारों ने ऑक्सीजन न मिलने पर अपनी जान गँवा दी। लेकिन केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने संसद के पटल से यह झूठ बोल दिया कि ऑक्सीजन की कमी से किसी की भी मृत्यु नहीं हुई।

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