Latest News
Home Uncategorizedकृषि बड़ी खबर: कृषि कानूनों को दो साल तक स्थगित करने पर सरकार तैयार, किसानों ने लिया है ये फैसला!

बड़ी खबर: कृषि कानूनों को दो साल तक स्थगित करने पर सरकार तैयार, किसानों ने लिया है ये फैसला!

by

भारत सरकार और किसान नेताओं के बीच दसवें दौर की बातचीत बुधवार को पूरी हुई। दोनों पक्ष कृषि कानूनों को लेकर आज भी किसी समाधान तक नहीं पहुंच सके। इसलिए एक बार फिर से 22 जनवरी को बैठक होगी। केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच आज की वार्ता में कोई ठोस बात निकल कर तो सामने नहीं आई। लेकिन सरकार ने सकारात्मक रवैया अपनाते हुए किसान नेताओं के सामने एक नया प्रस्ताव जरूर रखा है। सरकार ने कहा है कि यदि किसान चाहें तो तीनों कृषि कानूनों को अगले दो साल तक के लिए स्थगित किया जा सकता है। इस प्रस्ताव पर किसान नेताओं ने आपस में बातचीत की। किसान नेताओं ने सरकार की ओर से वार्ता कर रहे कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से कहा कि वे इस प्रस्ताव पर सभी किसानों से बात करेंगे। चूंकि किसान आंदोलन की मांग यही है कि तीनों कृषि कानून रद्द कर दिए जाएं। सरकार ने एक दूसरा ही विकल्प दो साल के स्थगन के रूप में खोजा है। इसलिए किसान नेता सभी किसानों से इस पर बात करना चाहते हैं।

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (file photo)

केंद्र सरकार ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के मुद्दे पर कहा कि एक अन्य कमेटी का गठन कर दिया जाए जो इस पर विचार करे। किसान नेताओं ने इस प्रस्ताव पर भी कोई जवाब नहीं दिया है। अब किसान नेता केंद्र सरकार के इन दो बातों पर आपस में विचार विमर्श करेंगे और फिर अगले दौर की वार्ता में सरकार को जवाब देंगे।
बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा कृषि सुधार के तहत तीन नए कृषि कानून बनाए गए हैं। इन तीनों कानूनों को लेकर देशभर के किसान आंदोलन कर रहे हैं। तकरीबन सवा दो महीने से अधिक समय गुजर चुका है इस किसान आंदोलन को। कई राज्यों के किसान दिल्ली के सीमा पर आकर डेरा डाले बैठे हैं। क्या ठंड, क्या बरसात! किसान डटे हुए हैं। किसानों की सीधी मांग है कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस ले और एमएसपी की संवैधानिक गारंटी दे। सरकार किसानों की इन मांगों को मानने के लिए तैयार नहीं है। अब तक दस बार करीब चालीस किसान संगठनों और केंद्र सरकार के बीच वार्ता हो चुकी है। लेकिन अब तक कोई सहमति दोनों पक्षों में नहीं बन सकी है। हालांकि आज की बैठक में केंद्र सरकार ने अपना रुख थोड़ा नरम जरूर किया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि किसान मोदी सरकार के नए विकल्प पर क्या राय शुमारी करते हैं। क्या किसान दो साल के लिए कानून स्थगित किए जाने पर मान जाएंगे या फिर अपनी मांग, कानून वापस लेने पर डटे रहेंगे?

Related Articles

Leave a Comment