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Home कोरोना वायरस ‘साध्वी’ प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बताया, गौमूत्र पीकर सुरक्षित हैं कोरोना वायरस से, आगे भी नहीं होंगी संक्रमित!

‘साध्वी’ प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने बताया, गौमूत्र पीकर सुरक्षित हैं कोरोना वायरस से, आगे भी नहीं होंगी संक्रमित!

by Khabartakmedia

मध्यप्रदेश के भोपाल से भाजपा सांसद ‘साध्वी’ प्रज्ञा सिंह ठाकुर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। अक्सर अपने विवादित बयानों के लिए खबरें बनाने वाली प्रज्ञा ठाकुर इस बार एक बेतुके बयान के चलते खबरों में आई हैं। सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने गौ मूत्र को लेकर एक दावा किया है। उनका कहना है कि गौ मूत्र का सेवन करने से कोरोना वायरस का संक्रमण नहीं होगा। गौ मूत्र कोरोना वायरस के संक्रमण पर लगाम लगाता है।

भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा है कि वो हर रोज गौ मूत्र का सेवन करती हैं। इसलिए वो इस वायरस से बची हैं। उन्होंने दावा किया है कि आगे भी उन्हें कोरोना नहीं होगा। यह बात प्रज्ञा ठाकुर ने भोपाल के संत नगर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कही है। यह बात गत रविवार यानी एक दिन पहले की है। लेकिन उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सोमवार को पसरा है।

प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने पूरे विस्तार से गौ मूत्र के सेवन को लेकर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि यदि हम देसी गाय के गो मूत्र का अर्क हम लेते हैं, तो हमारे फेंफड़ों का संक्रमण समाप्त हो जाता है। उन्होंने बताया कि “मैं बहुत तकलीफ में हूं, लेकिन प्रतिदिन गौ-मूत्र अर्क लेती हूं, इसलिए अभी मुझे कोरोना के लिए कोई औषधि नहीं लेनी पड़ रही हूं। न ही कोरोना ग्रस्त हूं और न ही ईश्वर करेगा, क्योंकि मैं उस औषधि का उपयोग कर रही हूं। हां मैं प्रार्थना करके लेती हूं- आप हमारे अमृत का स्वरूप हैं, हम ग्रहण कर रहे हैं। मेरे जीवन की रक्षा करें। मेरा जीवन राष्ट्र के लिए है। गाय का गो मूत्र जीवन दायिनी होता है।”

क्या है वैज्ञानिक सत्यता:

गौरतलब है कि कोरोना महामारी के शुरुआत से ही ऐसे दावे किए जाते रहे हैं। कभी गाय के गोबर तो कभी गौ मूत्र से कोरोना को ठीक करने का दावा किया गया है। हालांकि अब तक ऐसी कोई भी वैज्ञानिक शोध सामने नहीं आई है, जिसके आधार पर कहा जा सके कि गौ मूत्र से कोरोना का संक्रमण ठीक होता है। सवाल ये है कि क्या प्रज्ञा ठाकुर के पास कोई शोध है? क्या उनके पास कोई वैज्ञानिक जानकारी है? अगर है तो उन्हें इस जानकारी को सार्वजनिक करना चाहिए। साथ ही स्वास्थ्य मंत्रालय को भी इसे कोरोना के इलाज के रूप में घोषित कर देना चाहिए।

एक जनप्रतिनिधि द्वारा इस तरह के भ्रामक और बेतुके बातों का प्रचार करना किसी अपराध से कम नहीं। कोरोना संक्रमण को लेकर बरती गई एक भी असावधानी जान ले सकती है। जाहिर है प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर उनकी मलामत होनी तय थी। सोशल मीडिया पर उनके इन दावों की जमकर परखच्चे उड़े।

ट्विटर पर प्रज्ञा ठाकुर को लोगों ने खूब कोसा। कई ने गंभीर टिप्पणी करते हुए ऐसे बयान देने वालों पर कार्रवाई की भी मांग की है। एक स्वतंत्र पत्रकार रणविजय सिंह ने प्रज्ञा ठाकुर के इस बयान पर चुस्की लेते हुए ट्वीट किया।

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