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DELHI: राशन माफियाओं से मोहब्बत में केंद्र सरकार ने उलझाई अरविंद केजरीवाल की राशन योजना?

by Khabartakmedia
Arvind Kejriwal

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार (Arvind Kejriwal) और केंद्र सरकार के बीच एक नया विवाद पैदा हो गया है। केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने दिल्ली में एक योजना पर रोक लगा दी है। यह योजना दिल्ली में अगले हफ्ते से शुरू होने वाली थी। इसके तहत “गरीब” लोगों को घर-घर राशन दिया जाना था। यानी की राशन की Home Delivery. लेकिन शुरू होने से पहले ही इसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है। इसे लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को एक प्रेस कांफ्रेंस की।

अरविंद केजरीवाल ने आज प्रेस कांफ्रेंस में भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से इस बाबत कई सवाल किए। उन्होंने केंद्र सरकार की मंशा पर सवाल उठाए साथ ही कई तथ्यों को सामने रखा। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “आपने (पीएम मोदी) ने ये कहकर इस योजना (Scheme) पर रोक लगाई है कि हमने केंद्र सरकार से अनुमति (Approval) नहीं ली। ये गलत है सर हमने एक बार नहीं 5-5 बार अनुमति ली है।” यह बात कहते हुए केजरीवाल ने कुछ चिट्ठियां दिखाई। दावा किया कि यही वो चिट्ठियां जिन पर केंद्र सरकार से अनुमति ली गई है।

केंद्र के कहने पर नाम में बदलाव:

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि “कानूनन हमें इस योजना को दिल्ली में लागू करने के लिए केंद्र से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है। लेकिन हम कोई विवाद नहीं चाहते थे इसलिए 5-5 बार आपसे अनुमति ली है सर।” उन्होंने बताया कि बीते मार्च के महीने में केंद्र सरकार ने इस योजना के नाम पर आपत्ति जताई थी। बता दें कि पहले इस योजना का नाम “मुख्यमंत्री घर घर राशन योजना” था। केंद्र की आपत्ति पर अरविंद केजरीवाल सरकार ने इस योजना का नाम ही हटा दिया।

राशन की होम डिलीवरी क्यों नहीं:

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि “लोग पूछ रहे हैं कि अगर इस देश में पिज्जा, बर्गर, स्मार्टफोन और कपड़ों की होम डिलीवरी हो सकती है तो फिर राशन की क्यों नहीं? गरीबों के घर में राशन की होम डिलीवरी क्यों नहीं हो सकती है? सारा देश जानना चाहता है कि आपने ये योजना क्यों खारिज की है सर (पीएम मोदी)।”

राशन माफियाओं ने अटकाया रोड़ा:

दिल्ली के राशन दुकानदारों ने अरविंद केजरीवाल सरकार के इस योजना का विरोध किया था। राशन दुकानदार दिल्ली उच्च न्यायालय भी पहुंचे थे। उन्होंने न्यायालय से इस योजना पर रोक (Stay) लगाने की अपील की थी। लेकिन उच्च न्यायालय ने रोक नहीं लगाया। अरविंद केजरीवाल ने आज इस मुद्दे पर भी सवाल उठाया। केजरीवाल ने केंद्र सरकार और राशन माफियाओं की मिलीभगत की बात कही।

सीएम ने पूछा कि अगर राशन दुकानदार कोर्ट गए हैं तो इस बार पर केंद्र सरकार कैसे योजना खारिज कर सकती है? जबकि खुद दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस योजना पर रोक नहीं लगाई है। उन्होंने सवाल किया कि “क्या आपको (पीएम मोदी) राशन माफियाओं से इतनी हमदर्दी है?”

क्या है राशन योजना:

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने राशन वितरण प्रणाली को बदलने के लिए यह योजना बनाई है। जिसके तहत दिल्ली के गरीब लोगों को राशन सीधे उनके घर पहुंचाई जाएगी। जिन लोगों को सरकार की ओर से राशन मिलता है उन्हें इसकी होम डिलीवरी करने की योजना है। इसका लाभ दिल्ली के लगभग 72 लाख लोगों को मिलने वाला था। यह योजना अगले हफ्ते से शुरू होने वाली थी।

दिल्ली सरकार के अनुसार राशन की दुकानों पर भीड़ बहुत लगती है। कोरोना महामारी के दौर में ये भीड़ खतरनाक है। इस योजना के तहत लोगों को ये राशन सीधे उनके घर पहुंचाया जाना था। जिससे इन लोगों को राशन दुकानों तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती। लेकिन अब केंद्र सरकार ने इस योजना पर रोक लगा दी है।

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