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शताब्दी वर्ष महोत्सव में कला और पुस्तक मेला की शुरुआत, गुलजार हुआ काशी विद्यापीठ

by Khabartakmedia

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष महोत्सव में गुरुवार को कला मेला का शुभारंभ हुआ। विश्वविद्यालय के ललित कला विभाग में कला मेला का आयोजन किया गया है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह ने दीप जलाकर कला मेला का औपचारिक उद्घाटन किया।

दीप जलाते हुए प्रो. टी. एन. सिंह

ललित कला विभाग में बड़ी संख्या में कला प्रदर्शनी के स्टॉल लगाए गए हैं। वस्त्र से लेकर लकड़ी और मिट्टी की कलाकृतियां इस मेले की शोभा बने हुए हैं। कई कॉलेजों के छात्रों ने भी अपना स्टॉल लगाया है। कुलपति प्रो. सिंह ने बड़ी तल्लीनता के साथ कला मेले का अवलोकन किया। उन्होंने लकड़ी के खिलौने, मिट्टी के बर्तन, मूर्तियां, पेंटिंग और घास-फूस के बनाए गए मूर्तियों को बड़े चाव से देखा। हर स्टॉल के छात्र छात्राओं ने अपने-अपने प्रदर्शनी के बारे में प्रो. सिंह को जानकारी दी।

अपने कलाकृतियों की जानकारी देती छात्रा

कला मेला में कपड़ों की भी भरमार है। बड़ी संख्या में बनारसी साड़ी, दुपट्टे और अन्य तरह के कपड़े देखने को मिले। कपड़ों से बनाए गए चित्रों की भी प्रदर्शनी लगी है। इन जगहों ने लोगों को खासा आकर्षित किया। इस दौरान कला मेला में सुनील कुमार विश्वकर्मा, पद्मश्री रजनी कांत द्विवेदी, प्रो. योगेंद्र सिंह, डॉ. संतोष कुमार गुप्ता, प्रो. कृष्णकांत सिंह, प्रो,शशि देवी सिंह, प्रो. प्रेमचंद विश्वकर्मा, डॉ. रामराज, डॉ. स्नेह लता कुशवाहा, शालिनी कश्यप, रजनीश कुमार पाण्डेय, अलका अस्थाना व अन्य लोग मौजूद रहे।

एक मिट्टी के प्याले ने अल्पना सिंह (प्रो. टी. एन. सिंह की धर्मपत्नी) का ध्यान अपनी ओर खींचा

दूसरी ओर विश्वविद्यालय के भगवानदास पुस्तकालय में पुस्तक मेले का भी आयोजन हुआ है। दिल्ली और इलाहबाद से नामी गिरामी प्रकाशकों ने अपनी किताबें यहां भेजी हैं। राजकमल प्रकाशन की किताबें बड़ी संख्या में पुस्तक मेले में दिखीं। साहित्य, विज्ञान, इतिहास से लेकर इंजीनियरिंग तक की किताबों की यहां भरमार है। लगभग हर विषय की पुस्तकें हिन्दी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में देखने को मिल रही हैं। हजारों किताबों को एक साथ देखकर छात्र छात्राओं में उत्साह का माहौल था। हर कोई बड़े गौर से इन किताबों को पलटते दिखा। राजकमल प्रकाशन की किताबें बड़ी संख्या में पुस्तक मेले में दिखीं।

एक किताब उलटते कुलपति प्रो. सिंह

हाल ही में प्रकाशित हुई मशहूर लेखक अशोक कुमार पाण्डेय की “उसने गांधी को क्यों मारा” किताब भी यहां आई है। पत्रकार रवीश कुमार की किताब “बोलना ही है” भी पुस्तक मेले में लोगों का ध्यान खींचती हुई दिखी। मशहूर फिल्म निर्देशक अनुभव सिन्हा की किताब “मुल्क” और “आर्टिकल 15” भी देखने को मिली।

गौरतलब है कि महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ ने अपने सौ वर्ष पूरे कर लिए हैं। 10 फरवरी, 1921 में इस विश्वविद्यालय की स्थापना शिवप्रसाद गुप्त और भगवानदास ने की थी। इस ऐतिहासिक अवसर पर विश्वविद्यालय धूमधाम से शताब्दी वर्ष महोत्सव मना रहा है। 10 फरवरी से लेकर 16 फरवरी तक यह महोत्सव जारी रहेगा। हर दिन अलग अलग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। आगे के कार्यक्रमों में पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा और लोकप्रिय भोजपुरी कलाकार व भाजपा नेता मनोज तिवारी भी काशी विद्यापीठ में आने वाले हैं।

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