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खाप पंचायत ने लड़कियों के जीन्स पहनने पर लगाई रोक, नहीं मानी बात तो होगा बहिष्कार!

by Khabartakmedia

पिछले कुछ महीनों से खाप पंचायतें खबरों में खूब दिखी हैं। किसान आंदोलन को लेकर ये खाप पंचायत यूपी और हरियाणा समेत कई राज्यों में लगाई जा रही हैं। जहां कृषि कानूनों पर बहसें हो रही हैं। साथ ही किसान आंदोलन को लेकर रणनीतियां बनाई जा रही है। लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश की एक खाप पंचायत ने अपने पुराने ढर्रे के आधार पर एक फैसला जारी किया है। मुजफ्फरपुर जिले के चरथावल थाने में एक गांव है पीपलशाह। पीपलशाह की खाप पंचायत में लड़कियों और लड़कों के पहनावे को लेकर एक फरमान जारी किया गया है।

इस पंचायत ने आदेश दिया है कि गांव की कोई भी लड़की जीन्स नहीं पहन सकती। साथ ही कोई भी लड़का घुटने तक का पायजामा (Shorts) नहीं पहन सकता है। खाप पंचायत ने सीधे तौर पर लड़कियों के जीन्स और लड़कों के शॉर्ट्स पहनने पर पाबंदी रोक लगा दी है। क्योंकि ये कपड़े पश्चिमी सभ्यता के हैं। यही नहीं इस आदेश में यह भी कहा गया है कि जो भी व्यक्ति इस नियम को तोड़ेगा उसे दंडित किया जाएगा। साथ गांव से बहिष्कार का सामना करना पड़ेगा।

क्या बोले पंचायत के नेता?

पंचायत का फैसला सुनाते हुए इस राजपूत समुदाय के नेता और किसान संघ के मुखिया ठाकुर पूरन सिंह ने कहा कि “पंचायत ने फैसला किया है कि लड़कियों के जीन्स और लड़कों के शॉर्ट्स पहनने पर रोक लगाई जाएगी। ये कपड़े पश्चिमी सभ्यता के हैं। हमें अपने पारंपरिक कपड़े पहनने चाहिए। जैसे कि साड़ी, घाघरा, सलवार कमीज़।”

हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक पीपलशाह गांव में 2 मार्च को लगी एक खाप पंचायत में ली गई है। हालांकि इस खबर पर तब लोगों की नजर नहीं गई। लेकिन अब यह सामने आ रहा है। हिन्दुस्तान टाइम्स के अनुसार इस ठाकुर पूरन सिंह ने उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनावों में आरक्षण लागू करने के फैसले पर सरकार की आलोचना की है।

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