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संविदा शिक्षकों के सत्याग्रह का दूसरा दिन, प्रशासनिक भवन मौन

by Khabartakmedia


वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संविदा शिक्षकों (कोर फैकल्टी) का सत्याग्रह मंगलवार को भी जारी रहा। शिक्षक सत्याग्रह का आज दूसरा दिन है। गत सोमवार से विश्वविद्यालय के संविदा शिक्षक विद्यापीठ के पंत प्रशासनिक भवन के सामने गांधी जी की प्रतिमा के पास हाईकोर्ट के आदेश पर निर्मित उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश तथा कार्य परिषद के निर्णय को लागू कर वेतन भुगतान के लिए सत्याग्रह पर अनिश्चित काल के लिए बैठे हैं। करोना महामारी के समय एक तरफ भारत के प्रधानमंत्री काॅर्पाेरेट घरानों एवं देश के उद्योगपतियों से लगातार अपने कर्मचारियों को न हटाने और वेतन भुगतान करने की अपील कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में कई वर्षों से अपनी सेवा दे रहे संविदा अध्यापकों को विगत चार महीने से तनख्वाह नहीं दिया जा रहा है। वेतन भुगतान एवं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के तीनों परिसर (मुख्य परिसर, गंगापुर परिसर एवं एनटीपीसी परिसर) के संविदा शिक्षक अनिश्चितकालीन सत्याग्रह कर रहें हैं।
बता दें कि संविदा शिक्षकों का भुगतान जुलाई माह 2020 से नहीं किया जा रहा है और केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार लगातार दिशानिर्देश जारी कर रही है कि कोविड-19 की इस महामारी के दौर में किसी का वेतन न रोका जाए। लेकिन विद्यापीठ प्रशासन मनमाने ढंग से संविदा अध्यापकों का वेतन रोक कर शोषण कर रही है। जबकि संविदा अध्यापकों का संविदा विस्तार उच्च न्यायालय पारित आदेश दिनांक 01 मार्च 2013 के अनुपालन में जारी शासनादेश संख्या 226/सत्तर-2-2020-(31)/ 2018 दिनांक 13 मार्च 2020 के द्वारा बिंदु संख्या 7 के अंतर्गत स्वत: हो चुकी है। जिसे महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की कार्यपरिषद की बैठक में स्वीकार कर लिया गया है। जिसकी सूचना पत्रांक संख्या  कु०स०- 2D स०अ०/17168/शासन विविध वेतन निर्धा०/2020, दिनांक 09 मई 2020 के द्वारा काशी विद्यापीठ प्रशासन ने उ.प्र. शासन को उपलब्ध करा दी। अब काशी विद्यापीठ वाराणसी के कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह उत्तर प्रदेश सरकार के शासनादेश के उल्लंघन के साथ-साथ अपने ही कार्य परिषद के निर्णय को नहीं मान रहे हैं और मनमाने तरीके से अपने लोगों को नियुक्त करने के लिए संविदा अध्यापकों को लगातार प्रताड़ित कर रहे हैं।

सत्याग्रह को समर्थन देते डॉ.प्रमोद कुमार मिश्र

वेबसाइट से मिटाया जा रहा है साक्ष्य:
संविदा शिक्षकों के मुताबिक साजिश के तहत विश्वविद्यालय की वेबसाइट से गंगापुर परिसर एवं एन0टी0पी0सी0 परिसर के संविदा अध्यापकों द्वारा अपलोड की गई ई-कंटेंट को हटा दिया गया है। विश्वविद्यालय की मनमानी और वेतन भुगतान न करने के संबंध में सत्याग्रह कर रहे शिक्षकों ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एवं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलाधिपति एवं उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को भी पत्रक दे चुके हैं। शिक्षकों का कहना है कि “यदि कुलपति हम लोगों को यथाशीघ्र वेतन भुगतान नहीं करते हैं तो हम लोग वेतन भुगतान एवं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार सत्याग्रह करते रहेंगे।”
इस सत्याग्रह को शिक्षक नेता पूर्व अध्यापक संघ अध्यक्ष प्रो. अनिल उपाध्याय (महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ), पूर्व विधान परिषद सदस्य डॉ प्रमोद कुमार मिश्रा, शिक्षक नेता  नागेश्वर सिंह, माध्यमिक शिक्षक नेता डॉ राजेंद्र सिंह ने अपना समर्थन दिया।  सत्याग्रह में प्रमुख रूप से डॉ मनोज कुमार गौतम, डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह, डॉ निर्मला, डॉक्टर अपर्णा त्रिपाठी, मनिंदर डिसूज़ा, डॉ रीता, अनिल दुबे, डॉ प्रदीप यादव, प्रशांत विश्वकर्मा, डॉक्टर विनोद पांडेय, डॉ वीरेंद्र प्रताप, डॉ. एस. पी. एन. सिंह, डॉ शैलेश कुमार, डॉ. सुरेश त्रिपाठी, डॉ. मनोज कुमार त्यागी, मदन लाल, डॉक्टर आलोक शुक्ला, डॉक्टर प्रभाकर लाल, डॉ रजनीकांत, डॉक्टर मनोज सोनकर, डॉ महेंद्र प्रसाद, डॉ. राजेश कुमार, डॉ राजेंद्र यादव, डॉ. लक्ष्मी नारायण, सहित तीनों परिसर के संविदा अध्यापक मौजूद रहे।

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