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शोहराबुद्दीन मामले में अमित शाह पर चार्जशीट दायर करने वाले सीबीआई निदेशक ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में वजह बताई

by Khabartakmedia

हिमाचल प्रदेश के शिमला स्थित अपने घर में मृत पाए गए नागालैंड के पूर्व राज्यपाल अश्विनी कुमार ने अपने सुसाइड नोट में बीमारी से तंग आकर खुदकुशी करने की वजह लिखी है। नगालैंड के पूर्व राज्यपाल और पूर्व सीबीआई निदेशक रहे अश्विनी कुमार का शव शिमला के ब्रॉकहास्ट स्थित उनके घर पर मिला था। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी संजय कुंदू का कहना है कि अश्विनी कुमार की आत्महत्या के मामले की जांच की जा रही है। हालांकि उन्होंने अपने सूसाइडड नोट में किसी को इसका दोषी नहीं बताया है। बुधवार को अश्विनी कुमार की मौत की जानकारी के बाद पुलिस की एक टीम उनके घर पर जांच के लिए पहुंची थी। इस टीम को मौके पर एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ। इस नोट में लिखा था कि मैं जिंदगी से तंग आकर अपनी अगली यात्रा पर निकल रहा हूं। नोट में यह भी लिखा गया है कि मैं अपनी बीमारी से तंग आकर यह कदम उठा रहा हूं। सुसाइड नोट में मौत के बाद अंगदान करने की इच्छा भी लिखी गई है।
गौरतलब है कि मणिपुर और नागालैंड के पूर्व राज्यपाल और सीबीआई के पूर्व निदेशक अश्विनी कुमार का बुधवार को निधन हो गया। 70 वर्षीय अश्विनी कुमार शिमला के अपने घर में फांसी के फंदे पर झूलते पाए गए थे। हालांकि पुलिस की टीम अभी ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आत्महत्या के पीछे मुख्य वजह क्या है। पुलिस के अलावा बुधवार को फरेंसिक विभाग की टीमों ने भी घटनास्थल की जांच की है। साथ ही अश्विनी कुमार का पोस्टमॉर्टम भी कराया गया है। हिमाचल के सिरमौर निवासी अश्विनी कुमार 1973 बैच के आईपीएस ऑफिसर थे। हिमाचल प्रदेश के डीजीपी, सीबीआई के डायरेक्टर समेत कई पदों पर उन्होंने काबिलियत का लोहा मनवाया।अश्विनी ने साल 2006 में हिमाचल प्रदेश पुलिस के डीजीपी का चार्ज लेने के बाद यहां कई सुधार किए। हिमाचल पुलिस के डिजिटलीकरण और थाना स्तर पर कम्प्यूटर के उपयोग की शुरुआत उन्होंने ही करवाई। अश्विनी कुमार को जुलाई 2008 में सीबीआई डायरेक्टर बनाया गया था। अश्विनी सीबीआई डायरेक्टर बनने वाले हिमाचल प्रदेश के पहले पुलिस अफसर थे। मई 2013 में तत्कालीन यूपीए सरकार ने उन्हें पहले नागालैंड का गवर्नर बनाया और फिर जुलाई 2013 में ही उन्हें मणिपुर का गवर्नर भी बना दिया।

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