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शताब्दी वर्ष में विद्यापीठ की गरिमा पर फर्जीवाड़े का दंश, कुलपति के बयान से उड़ेगी खिल्ली

by Khabartakmedia

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय अपने शताब्दी वर्ष में प्रवेश कर चुका है और पूरा विश्वविद्यालय इस अवसर पर गौरवान्वित महसूस कर रहा था और इसे उत्सव के रूप में मना रहा था। लेकिन पिछले कुछ दिनों से काशी विद्यापीठ से आने वाली खबरों ने विश्वविद्यालय को खूब शर्मसार किया है। काशी विद्यापीठ के वर्तमान कुलानुशासक (चीफ प्रॉक्टर) प्रो. संतोष कुमार गुप्ता की नियुक्ति को लेकर पैदा हुए विवाद ने अब एक अलग ही रूप अख्तियार कर लिया है। मामला अब प्रदेश के राज्यपाल तक पहुंच गया है। बता दें कि बीते शनिवार को उत्तर प्रदेश की राज्यपाल के कार्यालय से इस प्रकरण में एक चिट्ठी आई और मामले की जांच करवाने की बात कही गई।

इसी बात को लेकर खबर तक मीडिया ने काशी विद्यापीठ के विधि संकाय में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने गए कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह से बात करनी चाही तो उन्होंने झुंझलाते हुए बात करने से मना कर दिया और जाते-जाते कुछ ऐसा बोल गए जिसपर अब बवाल कटना शुरू हो गया है। दरअसल खबर तक मीडिया के सवालों से बचते हुए कुलपति ने रोषिले अंदाज में कहा कि “विश्वविद्यालय में कौन सा ऐसा शिक्षक है जिसकी नियुक्ति क्लियर एंड कट है!” नया बखेड़ा इसी बात पर खड़ा हुआ है कि क्या काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय में हर शिक्षक की नियुक्ति सवालों के घेरे में है और अवैध है? यदि ऐसा है और यह बात कुलपति के संज्ञान में है तो वे इसको लेकर क्या कदम उठा रहे हैं? इस तरह के कई सवाल हैं जो कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह के हिस्से में आ रहे हैं लेकिन वे अब तक इन पचड़ों से बचने की कोशिश कर रहे हैं और नजरंदाज कर रहे हैं।

कुलपति का बयान सुनें यहां ?? https://youtu.be/-RwoXNqDDL

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