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विद्यापीठ: कुलपति पर डीएम का अल्टीमेटम बेअसर,विश्वविद्यालय प्रशासन का हठ पड़ा भारी

by Khabartakmedia


महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय के संविदा शिक्षकों का सत्याग्रह अब एक दिलचस्प मोड़ लेने वाला है। वाराणसी के जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा द्वारा इस मसले पर काशी विद्यापीठ के विश्वविद्यालय प्रशासन को दिया गया तीन दिनों का अल्टिमेटम आज ख़तम हो गया है।

हालांकि विश्वविद्यालय की ओर से अब तक कोई भी कार्रवाई नहीं की गई है। बता दें कि काशी विद्यापीठ के करीब 70 संविदा शिक्षक पिछले चार महीने से वेतन भुगतान ना होने और नियुक्ति के लिए पुनः साक्षात्कार के विरोध में 2 नवम्बर से ही पंत प्रशासनिक भवन के सामने सत्याग्रह पर बैठे हैं। आज इस शिक्षक सत्याग्रह का 21 वां दिन है। गौरतलब है कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह के तानाशाही रवैए और अपने वादे पर कायम न रहने की जिद देखकर संविदा शिक्षकों का एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी के जिलाधिकारी कार्यालय अपना मामला लेकर पहुंचा था। जिसके बाद डीएम कौशल राज शर्मा ने विश्वविद्यालय प्रशासन के नाम एक नोटिस जारी कर संविदा शिक्षकों के सत्याग्रह का हल ढूंढ़ने की बात कही थी। डीएम ने तीन दिनों के भीतर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। यह समय सीमा आज समाप्त हो गई है। लेकिन अभी तक काशी विद्यापीठ की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। यहां तक की कोई भी अधिकारी सत्याग्रही शिक्षकों से मिलने भी नहीं पहुंचा है। अब देखना होगा कि जिलाधिकारी विश्वविद्यालय की इस लापरवाही और कुलपति प्रो. टी. एन. सिंह की सुस्ती पर क्या चाबुक चलाते हैं?

रामधुन ही सहारा:
सत्याग्रही संविदा शिक्षकों ने हर दिन की तरह आज भी सत्याग्रह स्थल पर रामधुन “रघुपति राघव राजा राम…..” का गायन किया। आज विधान परिषद् सदस्य के प्रत्याशी डॉ. जितेन्द्र कुमार सिंह पटेल अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर संविदा शिक्षकों के सत्याग्रह और उनकी मांगों के साथ हामी भरी। सत्याग्रह में आज डॉ. आनंद सिंह, डॉ. मारकंडेय सिंह यादव, डॉ. महेंद्र प्रसाद, डॉ. मनोहर लाल, डॉ. शैलेश कुमार, डॉ. प्रशांत विश्वकर्मा, डॉ. आनंद कुमार यादव, डॉ. निर्मला, डॉ. अनुपमा श्रीवास्तव, डॉ. मानिकचंद पाण्डेय, डॉ. शशि प्रकाश, डॉ. अजय कुमार, डॉ. मनोज कुमार, डॉ. दिनेश कुमार, डॉ. मनोज सोनकर, डॉ. शशिकांत नाग आदि सत्याग्रही उपस्थित रहे।

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