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मालगाड़ी से गार्ड और ब्रेकवान को हटाने की तैयारी में बरेका

by Khabartakmedia

बनारस रेल कारखाना (बरेका) ने साल 2021 के दूसरे ही दिन एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन कर इस साल की रणनीतियों और पिछले साल की उपलब्धियों को मीडिया से साझा किया। प्रेस कांफ्रेंस में बरेका की महाप्रबंधक अंजली गोयल ने इस साल की भारतीय रेलवे की कुछ योजनाओं और उनमें बरेका की भूमिकाओं का जिक्र किया।
इस साल दिसंबर 2020 के अंत तक बरेका (BLW) ने 200 विद्युत रेलइंजन का निर्माण किया। यह उत्पादन रिकार्ड कोविड-19 के सभी प्रोटोकाल को पूरा करते हुए इस बात के बावजूद हासिल किया गया कि अप्रैल 2020 में उत्पादन शून्य था और मई में मात्र 08 रेल इंजनों का उत्पादन किया गया था। इस उपलब्धि का महत्व इसलिए और ज्यादा है क्योंकि विगत वर्ष 2019 तक 195 रेलइंजन बनाए गए थे। इस प्रकार भारतीय रेल नेटवर्क के विद्युतीकरण के विस्तार के साथ विद्युत रेलइंजनों की आपूर्ति बढ़ रही है।
बरेका ने डीजल रेलइंजन से विद्युत रेलइंजन निर्माण के लिए पूरी तरह अपनी संरचना का विकास कर लिया है। कर्मचारियों एवं अधिकारियों ने चुनौती का सामना करते हुए नया कौशल अर्जित किया और शॉप फ्लोर, मशीन, जिग एवं फ़िक्सचर तथा विद्युत रेलइंजनों के उत्पादन के लिए योजना प्रक्रिया को पुनर्गठित किया। बरेका में डीजल से विद्युत रेलइंजन उत्पादन लाइन में परिवर्तन रेल मंत्रालय के बहुद्देशीय नीति के अनुरूप किया गया है, जिसमें ईंधन व्यय कम करना, कार्बन फुट प्रिंट कम करना, ईंधन के आयात पर निर्भरता कम करना और ट्रेनों की हालिंग क्षमता एवं औसत गति में वृद्धि करना शामिल है।

प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अंजली गोयल

विश्व में पहली बार हाई हॉर्स पावर डीजल लोकोमोटिव को विद्युत लोकोमोटिव में सफलतापूर्वक परिवर्तित करने का श्रेय बरेका को प्राप्त है। प्रधानमंत्री द्वारा बरेका से 10000 अश्व-शक्ति के कनवर्ज़न लोकोमोटिव डब्लूएजीसी3 की ऐसी पहली ट्विन यूनिट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया और 6000 टन के मालवाहक ट्रेनों का सफलतापूर्वक संचालन किया गया। तब से बरेका ने 8 डीजल लोकोमोटिव को विद्युत लोकोमोटिव में परिवर्तित किया है।

वर्तमान परियोजना एवं भविष्य की योजनाएं :

मिशन रफ्तार के अंतर्गत,भारतीय रेल ने पुश एवं पुल मोड में संचालन के द्वारा ट्रेनों की औसत गति में वृद्धि किया है। रेल इंजनों के बीच रेक के साथ दो डबल्यूएपी7 रेलइंजन के मल्टीपल फार्मेशन द्वारा डबल्यूएपी7 यात्री लोको को पुश पुल मोड में किया गया। प्रथम जोड़ी का सफलता पूर्वक परीक्षण किया गया और इसे फरवरी 2020 में यात्री सेवा के लिए बरेका से भेजा गया। बरेका मार्च 2020 से निर्मित सभी नवनिर्मित रेलइंजनों में पुश-पुल फीचर जोड़ रहा है।

मालवाहक ट्रेन से गार्ड और ब्रेकवान को हटाने की तैयारी:

भारतीय रेल एक महत्वपूर्ण परियोजना के अंतर्गत मालवाहक ट्रेनों में गार्ड एवं ब्रेकवान को हटाने का विकल्प तलाश रहा है। इसके लिए बहुत ही कम लागत का रेडियो टेलीमेट्री उपकरण का इस्तेमाल किया जाना है। जिससे रेल इंजन ड्राइवर और अंतिम वैगन के बीच संचार स्थापित हो जाएगा और यह सुनिश्चित होगा कि ट्रेन सम्पूर्ण इकाई कोच/वैगन के साथ चल रही है। बरेका इस परियोजना के सुचारु कार्यान्वयन एवं समुचित समन्वय के लिए गठित कार्य दल (टास्क फोर्स) का संयोजक है। चालक दल की सुविधा के लिए बरेका ने वित्त वर्ष 2021-22 में सभी डबल्यूएजी9एच विद्युत मालवाहक रेल इंजन में वाटर क्लोजेट लगाने की योजना बनाया है।
प्रेस कांफ्रेंस के अंत में अंजली गोयल ने मीडिया के सवालों का जवाब भी दिया। खबर तक मीडिया की ओर से यह सवाल किया गया कि लोकोमोटिव रेलवे के मालवाहक गाड़ियों में शौचालय की व्यवस्था नहीं होती तो इसको लेकर भारतीय रेलवे कोई विचार कर रहा है या नहीं? सवाल का जवाब देते हुए अंजली गोयल ने कहा कि भारत सरकार से इस बाबत फंड ली जाएगी और जल्द ही इस समस्या को दूर किया जाएगा। मालवाहक गाड़ियों में बायोटॉयलेट लगाने पर योजना बनाई जा रही है।

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