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बज गई चुनावी बिगुल बिहार में, तीन चरणों में होगा मतदान

by Khabartakmedia

बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों को लेकर आज मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने आज प्रेस कांफ्रेंस की। सुनील अरोड़ा ने आगामी विधानसभा चुनाव की रूपरेखा स्पष्ट किया। बता दें कि बिहार में इस बार तीन चरणों में चुनाव होगा। 243 सदस्यीय बिहार विधानसभा का कार्यकाल 29 नवंबर को खत्म हो रहा है। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना के चलते बिहार चुनाव टालने को लेकर लगाई याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने कहा कि कोरोना के चलते एक राज्य के चुनाव को टाला नहीं जा सकता। कोर्ट चुनाव आयोग को निर्देश नहीं दे सकता। पिछली बार बिहार में 5 चरणों में चुनाव हुए थे। कोरोना के चलते इस बार 2 से 3 चरणों में चुनाव कराए जा सकते हैं।मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल भी एक चुनौती है। सोशल मीडिया पर कोई भी अगर समाज में तनाव पैदा करने की कोशिश करता है तो उसपर कानूनी कार्रवाई होगी।सभी मतदान केंद्र ग्राउंड फ्लोर पर ही होंगे। उम्मीदवारों के बारे में जानकारी वेबसाइट पर देनी होगी। उम्मीदवारों पर केस की जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।चुनाव आयोग ने बताया कि नामांकन के दौरान उम्मीदवार के साथ दो से ज्यादा वाहन नहीं जा सकते हैं। इस बार वर्चुअल चुनाव प्रचार होगा। बड़ी- बड़ी जनसभाएं नहीं की जा सकेंगी।एक बूथ पर सिर्फ 1,000 मतदाता ही मदतान कर पाएंगे। कोरोना मरीज वोटिंग के आखिरी घंटे में वोट डाल पाएंगे।बिहार विधानसभा चुनाव में कुल 7 करोड़ से ज्यादा मतदाता अपने वोट का इस्तेमाल कर पाएंगे। बिहार विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन Online और Offline भरे जा सकते हैं। सुबह 7 बजे से शाम के 6 बजे तक होगी वोटिंग। मतदान का समय एक घंटा बढ़ा दिया गया है। नामांकन ऑनलाइन भी किया जा सकेगा। विधानसभा कैंडिडेंट समेत कुल 5 लोग ही डोर टू डोर कैंपेन में शामिल होंगे। 5 से ज्यादा लोग घर जाकर प्रचार नहीं कर पाएंगे।मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि कोविड के चलते नए सुरक्षा मानकों के तहत चुनाव होंगे। पोलिंग बूथ पर मतदाताओं की संख्या घटाई जाएगी। एक बूथ पर 1 हजार मतदाता होंगे। 7 लाख हैंड सैनेटाइजर, 6 लाख पीपीई किट्स, 7,6 लाख बेड्सशीट, 23 लाख हैंड ग्लब्स का इंतजाम किया गया है। 7 लाख से ज्यादा हैंड सैनिटाइजर और 46 लाख से ज्यादा मास्क उपलब्ध करवाए जाएंगे!मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनावों की घोषणा करने के लिए यहां है। बिहार में कुल 243 सीटों पर चुनाव होना है। कोरोना के दौर में पहला बड़ा चुनाव होने जा रहा है। चुनाव नागरिकों का लोकतांत्रिक अधिकार है। इसलिए चुनाव कराने जरूरी हैं। बिहार चुनाव में इसबार एक लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन होंगे।कोरोना काल में लोगों के हेल्थ और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा। चुनाव आयोग ने इसके लिए काफी तैयारी की है। चुनाव कार्यक्रम को भी इसी को ध्यान में रखकर बनाया गया है। राज्यसभा चुनाव और विधान परिषद चुनावों में हमने ऐसा किया है।सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में विधानसभा चुनाव टाले जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से इनकार किया है। याचिकाकर्ता ने राज्य में कोरोना के चलते बिगड़े हालात का हवाला दिया था। कोर्ट ने कहा- हम पहले ही साफ कर चुके है कि चुनाव आयोग हालात के मुताबिक सभी चीजों को ध्यान में रखकर फैसला लेने में समर्थ है।कोरोना संकट आने के बाद देश में ये पहला चुनाव है लिहाजा निर्वाचन आयोग ने कोविड प्रोटोकॉल के मुताबिक, गाइडलाइन्स भी जारी की है। मतदान केंद्रों की तादाद भी डेढ़ गुना से ज्यादा बढ़ा दी गई है। मतदान कर्मियों की संख्या भी बढ़ाई गई है जबकि हर मतदान केंद्र पर मतदाताओं की तादाद घटा कर सीमित कर दी गई है।सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं को मास्क लगाकर और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करके आने को कहा गया है, लेकिन एहतियातन प्रत्येक मतदान केंद्र पर मास्क, हैंडफ्री सेनेटाइजिंग और शरीर का तापमान मापने के इंतजाम किए जा रहे हैं। मतदान शुरू होने से पहले बूथ को पूरी तरह से सैनिटाइज कर डिसइनफेक्ट करने की भी सख्त हिदायत दी गई है।चुनाव आयोग ने इससे पहले साफ कर दिया कि बिहार में विधानसभा चुनाव 29 नवंबर से पहले संपन्न हो जाएंगे। बिहार विधानसभा के चुनाव के साथ-साथ 65 सीटों पर उपचुनाव भी होंगे। दरअसल, देश की एक लोकसभा और 64 विधानसभा सीटें रिक्त हैं। इन पर उपचुनाव को लेकर आज चुनाव आयोग की ओर से घोषणा हो सकती है।
निर्वाचन आयोग ने तय किया गया कि विधानसभा चुनाव के साथ-साथ ही खाली सीटों पर उपचुनाव भी करा दिए जाएं। आयोग के मुताबिक, बिहार में नई विधान का गठन 29 नवंबर से पहले हो जाना है, लिहाजा उसी के मुताबिक विधानसभा चुनाव पूरे होने हैं। ऐसे में रिक्त हुई सीटों पर उपचुनाव भी बिहार विधानसभा के साथ ही होंगे।बिहार में मतदान तीन चरणों में हो सकते हैं, क्योंकि कुछ इलाके बाढ़ प्रभावित हैं। लिहाजा उन इलाकों में सबसे आखिर में मतदान कराने की योजना पर काम चल रहा है। 15 नवंबर से पहले विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर लेने की योजना है। उम्मीद है कि दशहरा और दिवाली के बीच के 20 दिनों के दौरान मतदान और मतगणना हो जाए, ताकि दिवाली से पहले सारा काम निपट जाए और चुनावी प्रक्रिया में लगे कर्मचारी और अधिकारी दिवाली मना सकें। 2019 में हुए लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 में 39 सीटें एनडीए को मिली थीं। सिर्फ एक सीट पर कांग्रेस का उम्मीदवार जीता था। लोकसभा के नतीजों को अगर विधानसभा क्षेत्र के हिसाब से देखें तो एनडीए को 223 सीटों पर बढ़त मिली थी। इनमें से 96 सीटों पर भाजपा तो 92 सीटों पर जदयू आगे थी। लोजपा 35 सीटों पर आगे थी। एक सीट जीतने वाला महागठबंधन विधानसभा के लिहाज से 17 सीटों पर आगे था। इनमें 9 सीट पर राजद, 5 पर कांग्रेस, दो पर हम (सेक्युलर) जो अब एनडीए का हिस्सा हैं और एक सीट पर रालोसपा को बढ़त मिली थी। अन्य दलों में दो विधानसभा क्षेत्रों में एआईएमआईएम और एक पर सीपीआई एमएल आगे थी।बिहार विधानसभा में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं। इस वक्त भाजपा और जदयू का गठबंधन सत्ता में है। राजद बिहार में अभी सबसे बड़ी पार्टी है, जिसके पास 73 सीटें हैं। लेकिन नीतीश कुमार की जदयू ने 2017 में आरजेडी से गठबंधन तोड़कर भाजपा के साथ सरकार बनाई है। बिहार में एक बार फिर चुनावी जंग एनडीए और महागठबंधन के बीच लड़ी जानी है। भाजपा की ओर से ऐलान किया गया है कि एनडीए नीतीश कुमार की अगुवाई में ही चुनाव लड़ेगा!

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