Latest News
Home विशेष नए साल में “नवीनीकरण”

नए साल में “नवीनीकरण”

by Khabartakmedia

आशाओं के दीप जलाकर,नए वर्ष में प्रवेश करें
सीख लें हम बीते कल से,जीवन में सुंदर रंग भरें।

माना बीता साल बुरा है
परेशानियों से हर कोई घिरा है,
कुछ अच्छा तो कुछ बुरा हुआ है,
हार गया कोई और कोई जीत गया है,
टूट गई किसी के सांसों की डोरी,
तो कोई लड़कर के आगे बढ़ा है।

जीवन हर मोड़ पर कुछ न कुछ सीखा जाती है,
पढ़ ले जो इस पाठ को उसे न ये हरा पाती है,
हमारे कर्मों का फल हमें जरूर मिलता है,
आज न मिले तो कल मिलता है।

आओ कर्मों का कर समीकरण,भविष्य का हम आकलन करें,
है गलत जो बदला जाए, खूबसूरत रंगों से जीवन को रंगा जाए,
कुछ हम बदलें कुछ तुम बदलो,
मिलकर एक संकल्प करें,
बेहतर हो आने वाला कल,
सब एक नवीन पहल करें।

अभिलाषाओं के दीप जलाकर नए वर्ष में प्रवेश करें
सीख ले हम बीते कल से,जीवन में सुंदर रंग भरें।

कवयित्री- आयुषी तिवारी,
छात्रा, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ

Related Articles

Leave a Comment